मश्हूर एक्टर राजपाल यादव ने फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें और समय देने की उनकी अपील खारिज कर दी थी। बता दें कि, राजपाल यादव को कुल 2.5 करोड़ रुपये भुगतान करना था लेकिन वो तय समय में पैसे जमा नहीं कर पाए। इसी वजह से अदालत ने आगे कोई राहत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें सरेंडर करने का आदेश मिला था और इसी कारण से उन्होंने सरेंडर किया। कोर्ट ने यह भी कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं, चाहे वे किसी भी पेशे से जुड़े हों। वहीं अब उनकी मदद के लिए जनसत्ता शक्ति दल के मुखिया और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव आगे आए हैं।
तेजप्रताप यादव ने किया बड़ा ऐलान
तेजप्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर लिखा कि, 'मुझे अभी मेरे बड़े भाई राव इंदरजीत यादव जी की पोस्ट के माध्यम से माननीय राजपाल यादव जी के परिवार की पीड़ा के विषय में जानकारी प्राप्त हुई। इस अत्यंत कठिन समय में मैं और मेरा पूरा JJD (जन शक्ति जनता दल) परिवार, उनके शोकाकुल परिवार के साथ पूरी संवेदना और मजबूती से खड़ा है। मानवीय करुणा एवं सहयोग की भावना से, मैं JJD परिवार की ओर से ₹11,00,000 (ग्यारह लाख रुपये) की आर्थिक सहायता उनके परिवार को प्रदान कर रहा हूँ।'
‘भूल भुलैया’, ‘हंगामा’ और ‘ढोल’ जैसी फिल्मों में कॉमेडी रोल के लिए मशहूर 54 वर्षीय राजपाल यादव ने कहा कि उनके पास इस समय न तो पैसे हैं और न ही मदद करने वाले दोस्त। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में सरेंडर करना ही उनके पास एकमात्र विकल्प बचा था। राजपाल यादव ने अपनी आर्थिक हालत पर दुख जताया। उन्होंने कहा, “सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा।” जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने अपने साथ काम कर चुके लोगों, जैसे निर्देशक प्रियदर्शन, या इंडस्ट्री के दोस्तों से मदद लेने के बारे में सोचा है, तो उन्होंने कहा, “सर, यहां हर इंसान अकेला है। कोई दोस्त नहीं है। मुझे इस परेशानी का सामना खुद ही करना होगा।”
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2018 में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि उन्होंने 2010 में दिल्ली के एक कारोबारी से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था, जो बाद में नहीं चुकाया गया। बताया गया है कि यह रकम उन्होंने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए ली थी। यह फिल्म 2012 में रिलीज हुई, लेकिन कर्ज की रकम वापस नहीं की गई। इस मामले में कोर्ट ने राजपाल यादव को कई बार पेश होने के लिए बुलाया था। पहले भी उन्हें कार्रवाई के दौरान 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था।
गुरुवार को उन्होंने सरेंडर कर दिया, जब दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें और समय देने की उनकी अर्जी खारिज कर दी। पहले कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में आदेश का पालन करने के लिए उन्हें कुछ समय दिया था, लेकिन वे भुगतान की व्यवस्था नहीं कर सके और तय समय सीमा पूरी नहीं कर पाए। इसके बाद अदालत ने उन्हें तुरंत सरेंडर करने का निर्देश दिया। तिहाड़ जेल प्रशासन ने पुष्टि की कि आदेश जारी होने के बाद राजपाल यादव शाम करीब 4 बजे जेल अधीक्षक के सामने पेश हुए।