Republic Day 2026: यूरोपीय संघ की नेता उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा होंगे गणतंत्र दिवस 2026 के चीफ गेस्ट

Republic Day 2026 Chief Guests: अगले महीने 26 जनवरी 2026 को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि यूरोपियन कमीशन (EU) की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा होंगे। गणतंत्र दिवस परेड को देखने के लिए हर बार किसी विदेशी चीफ गेस्ट को बुलाया जाता है

अपडेटेड Dec 18, 2025 पर 3:59 PM
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Republic Day 2026 Chief Guests: यूरोपीय संघ की नेता उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा गणतंत्र दिवस 2026 के चीफ गेस्ट होंगे

Republic Day 2026 Chief Guests: यूरोपियन कमीशन (EU) की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा अगले महीने 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगेदोनों का यह दौरा भारत-ईयू समिट के साथ शुरू होगाइस दौरान प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर चर्चा होने की संभावना हैइसमें दोनों पक्ष लंबे समय से अटके इस समझौते को पूरा करने की कोशिश करेंगे

दोनों नेताओं का नई दिल्ली दौरा भारत और EU के बीच सबसे हाई लेवल पर एक नए रणनीतिक और आर्थिक तालमेल का संकेत देती हैंगणतंत्र दिवस पर EU के टॉप नेताओं को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाना एक मजबूत प्रतीकात्मक महत्व रखता हैइसके साथ अपने राजनयिक और आर्थिक संबंधों को गहरा करने के नई दिल्ली के इरादे को दिखाता है

उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा ऐसे समय दिल्ली आ रहे हैं जब भारत-EU संबंधों में तेजी आई है। खासकर फरवरी 2025 में EU कमिश्नरों की भारत यात्रा के बाद दोनों काफी करीब आए हैं। यह दौरा व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी और लोगों के बीच आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ाने का रास्ता तैयार करेगा।


भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) ने 8 दिसंबर को नई दिल्ली में लंबे समय से अटके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत फिर से शुरू की थी। इसमें दोनों पक्षों का लक्ष्य इस साल के आखिर तक दशक भर पुरानी बातचीत को खत्म करना है। यह बैठक एक अहम समय पर हो रही है, क्योंकि भारत और EU इस महत्वाकांक्षी समझौते में बची हुई कमियों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत में सामान और सेवाओं के व्यापार, निवेश नियमों, सरकारी खरीद और रेगुलेटरी स्टैंडर्ड, से जुड़े बाकी मुद्दों को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। इसमें सैनिटरी और टेक्निकल जरूरतें शामिल हैं। कुछ मुख्य मुद्दे अभी भी बने हुए हैं, जिनमें EU का प्रस्तावित कार्बन टैक्स, ऑटोमोबाइल और स्टील के लिए मार्केट एक्सेस, मूल नियम और सेवाओं में रुकावटें शामिल हैं।

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वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। जबकि EU पक्ष का नेतृत्व यूरोपियन कमीशन में ट्रेड के डायरेक्टर-जनरल सबाइन वेयांड कर रही हैं। भारत ने EU के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) पर भी चिंता जताई है, जो 1 जनवरी से लागू होगा। यह स्टील, एल्यूमीनियम और अन्य कार्बन-इंटेंसिव सामानों के निर्यात पर उनके कार्बन फुटप्रिंट से जुड़े अतिरिक्त टैक्स लगाकर असर डाल सकता है।

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