Shakeel Ahmad News: कांग्रेस के पूर्व नेता और सांसद शकील अहमद ने अपनी जान का खतरा बताया है। इससे कुछ दिन पहले उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को 'डरपोक' और 'असुरक्षित' नेता बताया था। अहमद ने आरोप लगाया कि उन्हें कांग्रेस के अंदर से जानकारी मिली है कि पार्टी की नेशनल लीडरशिप ने मंगलवार (27 जनवरी) को पटना और मधुबनी में उनके घरों पर हमले करने के 'ऑर्डर' दिए हैं। शकील अहमद ने शनिवार को दावा किया था कि राहुल गांधी एक 'डरपोक' और असुरक्षित नेता हैं। अहमद ने कहा कि वह उन्हीं लोगों को आगे बढ़ाते हैं जो उनके गुण गाते हैं।
शकील अहमद ने सोमवार देर रात X पर एक पोस्ट में लिखा, "अभी अभी कांग्रेस के कुछ साथियों ने गुप्त रूप से मुझे खबर किया है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने बिहार कांग्रेस/युवा कांग्रेस को यह आदेश दिया है कि कल दिनांक 27 जनवरी को पुतला दहन के बहाने मेरे पटना और मधुबनी निवास पर आक्रमण किया जाये। यह जनतंत्र के सिद्धांत के खिलाफ है।"
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पार्टी महासचिव रह चुके अहमद ने पिछले साल नवंबर में बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस छोड़ दी थी। वह तीन बार विधायक और दो बार सांसद भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी उन वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में खुद को असहज महसूस करते हैं। उनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा है। इसलिए वह केवल उन लोगों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिनका कोई आधार नहीं है।
अहमद ने राहुल को 'अधिनायकवादी' और 'गैर-लोकतांत्रिक' करार देते हुए दावा किया कि वह कांग्रेस में वरिष्ठ सहयोगियों की बात नहीं सुनते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस बात को लेकर आश्वस्त लगते हैं कि कांग्रेस अपनी राष्ट्रीय उपस्थिति के कारण नंबर दो की स्थिति से नीचे नहीं जा सकती।
उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी की हार का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वह अपने रवैये के कारण अपने पूर्वजों और परिवार के रसूख वाली सीट भी नहीं जीत सके। एक और पोस्ट में उन्होंने एक WhatsApp ग्रुप मैसेज का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इसमें एक मेंबर ने दूसरों से राहुल गांधी की बुराई करने पर उनके पुतले जलाने की अपील की थी।
उन्होंने पूछा, "अब मेरी जानकारी बिल्कुल सही साबित हुई है। कांग्रेस के पुराने साथियों का बहुत-बहुत धन्यवाद। हमारे बिहार में एक कहावत है:- पुराने दोस्त ही काम आते हैं। क्या यह राहुल जी के ऑर्डर के बिना हो रहा है?"
अहमद ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, "जहां पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजीव गांधी की कांग्रेस और नरसिंह राव तथा सीताराम केसरी की कांग्रेस को अपनी कांग्रेस में समाहित कर लिया, वहीं राहुल गांधी, सोनिया गांधी की कांग्रेस को भी अपनी कांग्रेस बनाने में विफल रहे।"
उन्होंने दावा किया, "राहुल गांधी एक डरपोक और असुरक्षित व्यक्ति हैं... वह ऐसे किसी भी व्यक्ति के साथ असहज हैं और इसलिए अधिनायकवादी हैं और लोकतांत्रिक नहीं हैं।" अहमद की टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को बेनकाब कर दिया है।