Shashi Tharoor: 'एक घटना से नहीं आंका जा सकता...': आडवाणी की तारीफ कर अपनों के निशाने पर आए शशि थरूर

Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि जैसे नेहरू को सिर्फ़ "चीन की विफलता" या इंदिरा गांधी के करियर को सिर्फ़ इमरजेंसी से नहीं आंका जा सकता। वैसे ही वरिष्ठ बीजेपी नेता की विरासत को एक घटना से नहीं आंका जा सकता। कांग्रेस सांसद ने राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका पर छिड़े विवाद पर ये जवाब दिया

अपडेटेड Nov 09, 2025 पर 7:42 PM
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी की विरासत को एक घटना से नहीं आंका जा सकता

Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सीनियर नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के निशाने पर आए गए हैं। आडवाणी की राजनीतिक विरासत का बचाव करते हुए थरूर ने कहा कि जैसे पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को सिर्फ 'चीन की विफलता' या इंदिरा गांधी के करियर को सिर्फ इमरजेंसी से नहीं आंका जा सकता। वैसे ही वरिष्ठ बीजेपी नेता की राजनीतिक विरासत को भी सिर्फ एक घटना से नहीं आंका जा सकता।

दरअसल, कांग्रेस सांसद की तरफ से जैसे ही वरिष्ठ बीजेपी नेता और भारत रत्न से सम्मानित लालकृष्ण आडवाणी को उनकी 98वीं जयंती पर बधाई दी गई सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। शशि थरूर ने 8 नवंबर को आडवाणी को जन्मदिन की बधाई दी थी। कांग्रेस नेता ने उनको एक सच्चा राजनेता बताया।

थरूर ने कहा कि आधुनिक भारत की दिशा तय करने में उनकी भूमिका अमिट है। शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "लालकृष्ण आडवाणी को उनके 98वें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता, उनकी विनम्रता और शालीनता, और आधुनिक भारत की दिशा तय करने में उनकी भूमिका अमिट है। वे एक सच्चे राजनेता हैं जिनका सेवा जीवन अनुकरणीय रहा है।"


थरूर की तरफ से वरिष्ठ बीजेपी की तारीफ किए जाने की सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ वकील ने तीखी आलोचना की। सुप्रीम कोर्ट के वकील संजय हेगड़े ने थरूर की आलोचना करते हुए कहा कि आडवाणी द्वारा नफरत के बीज बोना जनसेवा नहीं कहा जा सकता। इस पोस्ट में उन्होंने 1990 में निकाली गई 'राम रथ यात्रा' का हवाला दिया।

हेगड़े ने थरूर की बधाई पर राम जन्मभूमि आंदोलन में आडवाणी की भूमिका का भी जिक्र करते हुए X पर लिखा, "माफ कीजिए श्रीमान थरूर, इस देश में घृणा के बीज (खुशवंत सिंह के शब्दों में) फैलाना जनसेवा नहीं है।" इस पर थरूर ने कहा कि उनकी लंबी सेवा को एक घटना तक सीमित करना, चाहें वह कितनी भी महत्वपूर्ण क्यों न हो अनुचित है।

उन्होंने कहा "मैं सहमत हूं संजय उवाचा, लेकिन उनकी लंबी सेवा को एक घटना तक सीमित करना, चाहे वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अनुचित है...।" थरूर ने आगे कहा, "नेहरूजी के करियर की समग्रता का आकलन चीन की विफलता से नहीं किया जा सकता, न ही इंदिरा गांधी के करियर का आकलन सिर्फ इमरजेंसी से किया जा सकता है। मेरा मानना ​​है कि हमें आडवाणी जी के प्रति भी यही शिष्टाचार दिखाना चाहिए।"

थरूर के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि हमेशा की तरह डॉ. शशि थरूर अपनी बात कह रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस उनके हालिया बयान से पूरी तरह अलग है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य के रूप में उनका ऐसा करना कांग्रेस की विशिष्ट लोकतांत्रिक और उदारवादी भावना को दर्शाता है।

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कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने X पर लिखा, "हमेशा की तरह, डॉ. शशि थरूर अपनी बात कह रहे हैं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपने आप को उनके हालिया बयान से अलग रखती है।" खेड़ा ने कहा, "कांग्रेस सांसद और सीडब्ल्यूसी सदस्य के रूप में उनका ऐसा करना कांग्रेस की विशिष्ट लोकतांत्रिक और उदारवादी भावना को दर्शाता है।"

राष्ट्रीय राजनीति में बीजेपी को विराट ताकत के रूप में स्थापित करने की पटकथा लिखने वाले आडवाणी को इस सालभारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। उन्होंने 1990 में रथ यात्रा शुरू करके राम जन्मभूमि आंदोलन का नेतृत्व किया था। इसके बाद वह दुनियाभर में छा गए।

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