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SIR in Delhi: दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया शुरू! 13,000 BLO घर-घर जाकर करेंगे वेरिफिकेशन, जिन लोगों के घर तोड़े गए उनका क्या?

SIR launched in Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की शुरुआत के साथ मुख्य चुनाव अधिकारी आलोक कुमार ने कहा है कि जिन योग्य वोटरों के घर तोड़े गए हैं, उनके मामले पर चुनाव आयोग के साथ चर्चा की जाएगी

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jun 30, 2026 पर 3:42 PM
SIR in Delhi: दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया शुरू! 13,000 BLO घर-घर जाकर करेंगे वेरिफिकेशन, जिन लोगों के घर तोड़े गए उनका क्या?
SIR launched in Delhi: अगर भरा हुआ एन्यूमरेशन फ़ॉर्म जमा नहीं किया जाता है, तो आपके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं आएंगे

SIR launched in Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार (30) को वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की प्रक्रिया शुरू हो गई। इसके तहत 13,000 से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) एक महीने तक राजधानी के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को कैलकुलेशन फॉर्म बांटेंगे। मुख्य चुनाव अधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि जिन योग्य वोटरों के घर तोड़े गए हैं, उनके मामले पर चुनाव आयोग के साथ चर्चा की जाएगी। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के बारे में बात करते हुए CEC ने कहा कि जिन लोगों के घर तोड़े गए हैं, वे अब उस पते पर नहीं होंगे, इसलिए उन्हें एन्यूमरेशन फॉर्म देना और जरूरी वेरिफिकेशन करना मुमकिन नहीं होगा।

चुनाव अधिकारी ने आगे कहा, "अगर भरा हुआ एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं किया जाता है, तो उनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं आएंगे।" अधिकारियों ने बताया कि बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि वे सुबह जल्दी और शाम के समय, जब लोग घर पर मौजूद हों, घर-घर जाकर सत्यापन करें। इसके लिए शनिवार और रविवार को भी अभियान चलाया जाएगा। आज से, 13,000 से ज़्यादा बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) दिल्ली में घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फ़ॉर्म बांटेंगे, जिसमें वोटरों को पिछली SIR के हिसाब से जानकारी भरनी होगी। यह चरण 29 जुलाई को खत्म होगा।

19 जुलाई तक होगा SIR

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, एक महीने तक चलने वाले घर-घर मतदाता सत्यापन अभियान के लिए 13,000 से अधिक बीएलओ तैनात किए गए हैं। यह अभियान 29 जुलाई को समाप्त होगा। दिल्ली में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल भी अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलए) के माध्यम से इस घर-घर सर्वेक्षण में भाग ले रहे हैं, ताकि लोगों को प्रपत्र भरने और जमा कराने में सहायता मिल सके।

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