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'कैदियों से भी बुरा हुआ व्यवहार, घंटों बनाए रखा बंधक...', दिल्ली पुलिस के बर्ताव पर छलका सोनम वांगचुक का दर्द

Sonam Wangchuk Safdarjung Hospital Delhi Police: वांगचुक ने बताया कि सफदरजंग अस्पताल में उन्हें कमरे से बाहर निकलने या स्वतंत्र रूप से घूमने-फिरने की इजाजत नहीं थी। उन्हें अपने साथ मोबाइल फोन या लैपटॉप रखने तक से रोक दिया गया था। साथ ही किसी भी समर्थक या बाहरी व्यक्ति को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा था।

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jul 25, 2026 पर 1:45 PM
'कैदियों से भी बुरा हुआ व्यवहार, घंटों बनाए रखा बंधक...', दिल्ली पुलिस के बर्ताव पर छलका सोनम वांगचुक का दर्द
वांगचुक ने खुलासा किया कि सफदरजंग अस्पताल का माहौल किसी अस्पताल जैसा नहीं, बल्कि एक सख्त जेल जैसा लग रहा था

Sonam Wangchuk Safdarjung Hospital: सोनम वांगचुक ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में अपने इलाज के दौरान हुए व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाया है। भूख हड़ताल के 20वें दिन (18 जुलाई) दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाए गए वांगचुक ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि अस्पताल में उनके साथ 'कैदियों जैसा बर्ताव' किया गया और ऐसा महसूस हुआ जैसे वे 'नॉर्थ कोरिया' में रह रहे हों।

शुक्रवार देर रात यूट्यूब पर जारी एक वीडियो में 59 वर्षीय वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। आइए आपको बताते हैं कि उन्होंने क्या-क्या आरोप लगाए और उनका 26 दिनों का अनशन आखिरकार कैसे खत्म हुआ।

सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक के साथ क्या हुआ?

सोनम वांगचुक ने खुलासा किया कि सफदरजंग अस्पताल का माहौल किसी अस्पताल जैसा नहीं, बल्कि एक सख्त जेल जैसा लग रहा था। उन्हें कमरे से बाहर निकलने या स्वतंत्र रूप से घूमने-फिरने की इजाजत नहीं थी। उन्हें अपने साथ मोबाइल फोन या लैपटॉप रखने तक से रोक दिया गया था। साथ ही किसी भी समर्थक या बाहरी व्यक्ति को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा था।

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