एनसीपी विधायक दल की बैठक में अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार सर्वसम्मति से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक दल की नेता चुनी गई हैं। अब वह महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री का पद प्लेन क्रैश में अजित पवार की अचानक मौत के बाद खाली हो गया था।
बनेंगी राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री
सुनेत्रा पवार को नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) की विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। शनिवार शाम पांच बजे उन्हें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। बता दें कि, सुनेत्रा पवार राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने जा रही हैं। इससे पहले, एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने दिवंगत अजीत पवार को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद राज्य के वित्त मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने एक अहम प्रस्ताव औपचारिक रूप से रखा, जिसे वरिष्ठ नेता छगन भुजबल का समर्थन मिला। इन प्रस्तावों के साथ ही पार्टी के नए विधायी नेता को चुनने की आंतरिक प्रक्रिया की आधिकारिक शुरुआत हो गई।
सुनेत्रा पवार का जन्म 1963 में महाराष्ट्र के उस्मानाबाद (अब धाराशिव) में हुआ था। वह एक मराठा परिवार में पली-बढ़ीं, जिसका इलाके की राजनीति से गहरा नाता रहा है। उनके पिता बाजीराव पाटिल एक जाने-माने स्थानीय नेता थे। वहीं उनके भाई पद्मसिंह बाजीराव पाटिल 1980 के दशक में जिले की राजनीति में काफी प्रभावशाली बन गए थे। इस तरह, पवार परिवार में आने से पहले ही सुनेत्रा का पालन-पोषण राजनीतिक माहौल में हुआ था।
उन्होंने 1983 में औरंगाबाद (अब छत्रपति संभाजीनगर) के एस.बी. आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज से कॉमर्स में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। दिसंबर 1985 में उनकी शादी अजीत पवार से हुई। यह रिश्ता उनके भाई ने तय किया था। दोनों की पहली मुलाकात उसी साल पहले हुई थी। महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में शामिल होने के बावजूद, सुनेत्रा पवार कई दशकों तक सक्रिय राजनीति से दूर ही रहीं।
2024 में हुई राजनीति में एंट्री
सुनेत्रा पवार ने औपचारिक रूप से राजनीति में कदम साल 2024 में रखा। उस समय अजीत पवार ने उन्हें बारामती से चुनाव मैदान में उतारा। वह भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के समर्थन से नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) की उम्मीदवार बनीं। यह मुकाबला उनकी भाभी सुप्रिया सुले के खिलाफ था, जिसे काफी अहम चुनाव माना गया। सुप्रिया सुले, शरद पवार की बेटी हैं। उनका गुट कांग्रेस और शिवसेना के साथ मिलकर विपक्ष में है।
यह चुनाव पवार परिवार और एनसीपी के भीतर बढ़ती दूरी का साफ संकेत था। हालांकि सुनेत्रा पवार यह चुनाव हार गईं, लेकिन इससे उनकी सार्वजनिक पहचान को बड़ा मोड़ मिला। कुछ महीनों बाद उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया। जून 2024 में शपथ लेने के बाद से उनकी संसद में मौजूदगी करीब 69 प्रतिशत रही है। उन्होंने चार बहसों में हिस्सा लिया है, जो इसी अवधि के राष्ट्रीय औसत 58 प्रतिशत से ज़्यादा है। इसका मतलब है कि छह साल के कार्यकाल में वह हर साल लगभग 10 बहसों में भाग ले सकती हैं। इसके बावजूद, उन्होंने अब तक अपनी सार्वजनिक और मीडिया मौजूदगी को सीमित ही रखा है।