सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव से पहले राज्यों की ओर से दी जाने वाली “फ्री बीज” यानी फ्री सुविधाओं पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने पूछा कि अगर सरकारें मुफ्त खाना, मुफ्त बिजली और सीधे खाते में पैसा देती रहेंगी, तो विकास के लिए पैसा कहां से आएगा? यह मामला तब उठा जब चुनावी राज्य तमिलनाडु की पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने प्रस्ताव रखा कि वह सभी उपभोक्ताओं को, उनकी आर्थिक स्थिति चाहे जो भी हो, मुफ्त बिजली देगी। इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई।
