Tahawwur Rana: आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा की नागरिकता रद्द करेगा कनाडा? PM मार्क कार्नी की भारत यात्रा से पहले बड़ा फैसला

Tahawwur Rana: खबर है कि कनाडा सरकार ने 26/11 मुंबई टेरर अटैक के मास्टरमाइंड आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा की नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कदम कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के 26 फरवरी को भारत दौरे से पहले उठाया गया है

अपडेटेड Feb 24, 2026 पर 1:31 PM
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Tahawwur Rana India Extradition: तहव्वुर राणा हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक, डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी है।

Tahawwur Rana: प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा की सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खबर है कि कनाडा 2008 के मुंबई आतंकी हमले में अहम भूमिका निभाने के आरोपी पाकिस्तान मूल के कारोबारी आतंकवादी तहव्वुर हुसैन राणा की नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। 26/11 मुंबई टेरर अटैक का मास्टरमाइंड 64 वर्षीय राणा पाकिस्तान में जन्मा कनाडाई नागरिक है। वह 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी रहा है। हेडली अमेरिकी नागरिक है।

'ग्लोबल न्यूज' को मिले दस्तावेजों के अनुसार, आव्रजन अधिकारियों ने राणा को सूचित किया है कि वे 2001 में उसे प्राप्त उसकी कनाडाई नागरिकता छीनने पर विचार कर रहे हैं। राणा 1997 में कनाडा आया था। बाद में उसे अमेरिका में एक डेनिश अखबार के कर्मचारियों पर हमले की साजिश रचने के आरोप में दोषी ठहराया गया था।

मुंबई में 26/11 हमले के कथित मास्टरमाइंड राणा को अप्रैल 2025 में अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। नई दिल्ली पहुंचते ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (ANI) ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। मुंबई हमलों में 166 लोगों की मौत हुई थी।


रिपोर्ट के अनुसार इमिग्रेशन, रिफ्यूजी और सिटिज़नशिप कनाडा (IRCC) ने कहा कि राणा की नागरिकता आतंकवाद के आरोप में नहीं। बल्कि आवेदन पत्र में झूठी जानकारी देने के कारण रद्द की जा रही है। राणा ने 2000 में नागरिकता के लिए आवेदन करते समय दावा किया था कि वह पिछले चार साल से ओटावा और टोरंटो में रह रहा था। उसने दावा किया वह केवल छह दिन ही देश से बाहर रहा।

हालांकि, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की जांच में पाया गया कि वह लगभग पूरा समय शिकागो में रहा, जहां उसके कई व्यवसाय और संपत्तियां थीं। नागरिकता रद्द करने के निर्णय में उस पर गंभीर और जानबूझकर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।

खबरों के अनुसार, सरकार ने कहा कि मामला फेडरल कोर्ट को भेजा गया है, जो अंतिम फैसला करेगा। राणा के वकील ने इस निर्णय को चुनौती दी है। आव्रजन विभाग की प्रवक्ता रोजी सैबेटर ने 'ग्लोबल न्यूज' को बताया कि गलत जानकारी देकर प्राप्त की गई नागरिकता को रद्द करना कनाडाई नागरिकता की शुचिता बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण साधन है।

उन्होंने कहा कि प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय संघीय अदालत ही करती है। उन्होंने कहा, "सरकार नागरिकता रद्द करने के कदम को हल्के में नहीं लेती है।" इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने आतंकी पर जानबूझकर धोखा देने का आरोप लगाया है। इसमें कहा गया कि लंबे समय तक गैरहाजिरी की जानकारी न देने की वजह से अधिकारियों ने गलत नतीजा निकाला कि वह कैनेडियन नागरिकता के लिए रहने की जरूरतें पूरी करता है।

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31 मई, 2024 के एक लेटर में IRCC ने राणा को बताया कि उसकी कही गई गलत जानकारी ने फैसला लेने वालों को नागरिकता देने में गुमराह किया। जबकि ऐसा लग रहा था कि वह एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा नहीं करता था। यह मामला अब कनाडा के फेडरल कोर्ट को भेज दिया गया है। उसके पास यह तय करने का आखिरी अधिकार है कि नागरिकता गलत जानकारी, धोखाधड़ी या जरूरी बातें छिपाकर हासिल की गई थी या नहीं।

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