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तमिलनाडु सरकार का पोंगल त्योहार को लेकर बड़ा फैसला, 2.25 करोड़ परिवारों को होगा फायदा

तमिलनाडु की डीएमके सरकार जनवरी में आने वाले पोंगल त्योहार को लेकर बड़ी राहत दे सकती है। सरकार राज्य के 2.25 करोड़ कार्ड धारकों को 3000 रुपये उपहार पैकेज देने का प्रस्ताव तैयार कर रही है। सरकार के इस कदम की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि आगामी वर्ष में राज्य में चुनाव होने हैं।

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 11, 2025 पर 1:32 PM
तमिलनाडु सरकार का पोंगल त्योहार को लेकर बड़ा फैसला, 2.25 करोड़ परिवारों को होगा फायदा
राज्य की डीएमके सरकार पोंगल उपहार पैकेज के साथ 3,000 रुपये देने पर भी विचार कर रही है।

तमिलनाडु में जनवरी के महीने में पोंगल का त्योहार मनाया जाता है। देश के इस दक्षिण भारतीय राज्य में पोंगल का पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस मौके पर राज्य सरकार हर साल राज्य के कार्ड धारक परिवारों को हर साल पोंगल उपहार पैकेज दती है। सरकार की ओर से इस उपहार पैकेज में चावल, गन्ना, चीनी आदि चीजें होती हैं। राज्य की डीएमके सरकार इस साल भी इसी तरह के उपहार पैकेज पर विचार कर रही है। खास बात ये है कि तमिलनाडु में साल 2026 में राज्य विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, सरकार इस साल राज्य के निवासियों को पोंगल उपहार पैकेज के साथ 3,000 रुपये देने पर भी विचार कर रही है।

इसके लिए राज्य में संबंधित विभाग प्रस्ताव तैयार करने में जुट गए हैं। पोंगल के पर्व में अब एक महीने का समय शेष रह गया है। इसलिए सभी विभाग पूर्ण तैयारी में जुट गए हैं और सहकारी विभाग और वित्त विभाग ने चावल, गन्ना, चीनी और अन्य सामग्रियों की खरीद की प्रक्रिया तेज कर दी है। राज्य में लगभग 2.25 करोड़ कार्डधारक परिवार हैं। सरकार चाहती है कि इन सभी को पोंगल उपहार पैकेज के साथ नकद राशि मिले।

चुनाव से पहले उपहार पैकेज की राजनीति

तमिलनाडु में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं और पोंगल त्योहार जनवरी के पहले पक्ष में पड़ता है। ऐसे में चुनाव से सिर्फ 3 महीने पहले उपहार पैकेज देने के कारण चुनाव में इसकी चर्चा भी खूब होगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पोंगल उपहार पैकेज राज्य के वोटरों को प्रभावित करने वाला कदम है। यह फैसला राजनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पैसों की तंगी से कम हुई उपहार राशि

स्थानीय मीडिया की मानें तो डीएमके सरकार शुरुआत में लोगों को 5,000 रुपये देने पर विचार कर रही थी। लेकिन वित्तीय कमी के कारण इसे घटाकर 3,000 रुपये पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इतने बड़े खर्च को कैसे पूरा किया जाएगा, इस पर वित्त विभाग को रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है।

राज्य में पहले भी दिए गए हैं उपहार पैकेज

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