Tamil Nadu Temple-Dargah Deepam Clash: तमिलनाडु के मदुरै जिले में आसपास मौजूद एक प्राचीन मंदिर और दरगाह के पास भारी विरोध-प्रदर्शन के बाद तनाव का माहौल है। अदालत के पूर्व के निर्देश के बावजूद, बुधवार शाम 'कार्तिगई दीपम' के अवसर पर तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर दरगाह के पास प्राचीन स्तंभ पर दीप नहीं जलाया गया। इसके कारण हिंदू मुन्नानी के कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं के एक वर्ग ने प्रदर्शन किया। दीपम उत्सव बड़े ही भव्य तरीके से मनाया जाता है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।
दरअसल, तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर भगवान सुब्रमण्यम स्वामी का मंदिर और साथ में सिकंदर बादशाह दरगाह भी स्थित है। श्रद्धालुओं के एक वर्ग और तिरुप्परनकुंद्रम मंदिर मैनेजमेंट के बीच गतिरोध के बाद मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ ने बुधवार (3 दिसंबर) को याचिकाकर्ता को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की सुरक्षा घेरे में पहाड़ी के प्राचीन स्तंभ पर दीप जलाने का निर्देश दिया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि दीप को प्राचीन स्तंभ 'दीपथून' पर जलाया जाए जैसा कि पीठ ने निर्देश दिया था। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने एक दिसंबर को अपने आदेश में कहा था कि सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर के मैनेजमेंट को तीन दिसंबर को 'कार्तिगई दीपम' पर दीप जलाने की सुविधा प्रदान करनी चाहिए।
मंदिर मैनेजमेंट ने शाम छह बजे होने वाले बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले अदालत में अपील दायर की। इसमें दावा किया गया कि इस कदम से सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। याचिकाकर्ता रामा रविकुमार ने अदालत से मंदिर मैनेजमेंट के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी।
जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने निर्देश दिया कि शाम छह बजे तक दीप प्रज्वलित कर दिए जाएं। अन्यथा शाम 6.05 बजे अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाएगी। इसी के साथ मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। अदालत की अवमानना की कार्रवाई की अपील स्वीकार करते हुए जज ने मंदिर के कार्यकारी अधिकारी और मदुरै पुलिस आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया।
भारी विरोध-प्रदर्शन के बाद धारा 144 लागू
मदुरै डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पहले CrPC की धारा 144 थी) के तहत थिरुपरनकुंद्रम इलाके में प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। मदुरै डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ने थिरुपरनकुंद्रम इलाके में गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने पर रोक लगा दी है। यह आदेश, कानून और व्यवस्था की आपात स्थिति को देखते हुए जारी किया गया है। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शांति बनाए रखने के लिए अगले आदेश तक तुरंत लागू है।
रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध-प्रदर्शन के कारण आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच हाथापाई हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदू मक्कल काची के सदस्य कथित तौर पर लगभग 50 CISF कर्मियों के साथ पहाड़ी पर चढ़े और दरगाह के पास पहाड़ी पर बने खंभे पर कार्तिगई दीपम जलाया। पहाड़ी समेत पूरे इलाके में अब भारी पुलिस तैनात है। तनाव की स्थिति बनी हुई है। हिंदू मुन्नानी और हिंदू तमिल पार्टी जैसे संगठनों के सदस्य कथित तौर पर ज्यादा आंदोलन कर रहे हैं।