12 जून की दोपहर को अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास एयर इंडिया के प्लेन के साथ हुए हादसे को लेकर टाटा ग्रुप (Tata Group) की ओर से बड़ा ऐलान किया गया है। ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एक बयान के जरिए हादसे में मरने वालों के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की है। बयान में कहा गया कि एयर इंडिया फ्लाइट 171 से जुड़ी दुखद घटना से हम बहुत दुखी हैं।
बता दें कि गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की भी एयर इंडिया प्लेन क्रैश में मौत हो गई है। गुरुवार को दोपहर 1.38 बजे अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रहा एयर इंडिया का एक प्लेन अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही पलों बाद एयरपोर्ट के पास मेघाणी नगर इलाके में क्रैश हो गया। इसमें चालक दल के 10 सदस्यों सहित 242 लोग सवार थे। हादसे में 241 लोगों के मरने की खबर है।
प्लेन बीजे मेडिकल कॉलेज एवं सदर अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों के हॉस्टल, और आवासीय क्वार्टरों के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। प्लेन का एक हिस्सा पांच मंजिला इमारत से बाहर निकला हुआ था। इमारत से टकराने पर धमाके जैसी आवाज आई और प्लेन व इमारत में आग लग गई। अस्पताल-कॉलेज परिसर में खड़ी कई कारें एवं अन्य व्हीकल भी आग की चपेट में आ गए।
टाटा ग्रुप उठाएगा घायलों के इलाज का खर्च
टाटा ग्रुप के X हैंडल पर एन चंद्रशेखरन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस समय हम जो दुख महसूस कर रहे हैं, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और जो घायल हुए हैं। टाटा समूह इस त्रासदी में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिवार को 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि देगा। इसके अलावा समूह, हादसे में घायल हुए लोगों के इलाज का खर्च भी उठाएगा।
बयान में कहा गया कि हम सुनिश्चित करेंगे कि घायलों को सभी जरूरी देखभाल और मदद मिले। इसके अलावा बी जे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के निर्माण में मदद भी करेंगे। टाटा ग्रुप दुख की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों और समुदायों के साथ खड़ा है। चंद्रशेखरन एयर इंडिया के चेयरमैन भी हैं।
2022 में टाटा ग्रुप के पास वापस गई थी एयर इंडिया
एयर इंडिया को जेआरडी टाटा ने 1932 में Tata Airlines के नाम से शुरू किया था। 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण हो गया और यह एयर इंडिया नाम से सरकारी कंपनी बन गई। 2022 में कंपनी का प्राइवेटाइजेशन हुआ और यह फिर से टाटा ग्रुप की झोली में आ गई। एयर इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर केंपबेल विल्सन ने गुरुवार के हादसे पर कहा है कि एयर इंडिया में हम सभी के लिए मुश्किल समय है।