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सुप्रीम कोर्ट 5 मई से CAA पर करेगा अंतिम सुनवाई, सभी पक्षों को दस्तावेज तैयार रखने को कहा

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने घोषणा की है कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली 200 से अधिक याचिकाओं पर 5 मई से अंतिम सुनवाई शुरू करेगा। ये मामले 2019 और 2020 से लंबित हैं और इनमें भारतीय मुस्लिम संघ द्वारा दायर की गई प्रमुख याचिका भी शामिल है

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Feb 20, 2026 पर 8:41 AM
सुप्रीम कोर्ट 5 मई से CAA पर करेगा अंतिम सुनवाई, सभी पक्षों को दस्तावेज तैयार रखने को कहा
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने संकेत दिया कि सुनवाई 12 मई तक समाप्त होने की उम्मीद है।

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने घोषणा की है कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) 2019 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली 200 से अधिक याचिकाओं पर 5 मई से अंतिम सुनवाई शुरू करेगा। ये मामले 2019 और 2020 से पेंडिंग हैं और इनमें भारतीय मुस्लिम संघ द्वारा दायर की गई प्रमुख याचिका भी शामिल है। याचिकाओं में उस कानून की वैधता पर सवाल उठाया गया है जो हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी समुदायों के उन प्रवासियों को भारतीय नागरिकता देता है जो 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत में आए थे।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली भी शामिल हैं, ने अंतिम बहस के दौर के लिए प्रक्रिया संबंधी निर्देश जारी किए। अदालत ने कहा कि वह पहले याचिकाकर्ताओं की डेढ़ दिन तक सुनवाई करेगी। उसके बाद केंद्र को अपना जवाब पेश करने के लिए पूरा एक दिन दिया जाएगा। पीठ ने संकेत दिया कि सुनवाई 12 मई तक समाप्त होने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनवाई सुचारू रूप से चलाने के लिए दस्तावेज तैयार रखने को कहा

सभी पक्षों को चार सप्ताह के भीतर अतिरिक्त दस्तावेज और लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।

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