नोएडा की रहने वाली एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। बीते 12 मई को भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के बाद अब तक उनका अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। मौत के करीब 8 दिन बीत जाने के बाद भी ट्विशा का शव AIIMS भोपाल की मोर्चरी में रखा हुआ है। इसी बीच पुलिस ने ट्विशा के परिवार को पत्र भेजकर शव ले जाने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि लंबे समय तक मोर्चरी में शव रखने से उसके डिकंपोज यानी खराब होने की आशंका बढ़ रही है।
पुलिस मे परिवार से लगाई ये गुहार
बता दें कि, ट्विशा शर्मा मौत मामले में पुलिस ने परिवार को शव लेने के लिए एक पत्र जारी किया है। पुलिस का कहना है कि AIIMS भोपाल में शव के खराब होने की आशंका है, इसलिए परिवार को जल्द से जल्द शव ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने अदालत को यह भी बताया है कि वह दूसरी बार पोस्टमार्टम कराने में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। पुलिस का कहना है कि उन्हें दोबारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पर कोई आपत्ति नहीं है।
वकील ने जांच एजेंसियों पर ही उठाए सवाल
वहीं ट्विशा शर्मा मौत मामले में वकील अंकुर पांडे ने जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जांच सही तरीके से नहीं की जा रही और मामले को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। अंकुर पांडे ने कहा, “जांच एजेंसियों ने इस केस को ठीक से नहीं संभाला है। AIIMS भोपाल में प्रक्रिया और जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, ताकि मामला कमजोर पड़ जाए।” उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि AIIMS भोपाल ने गले पर पड़े निशान को लेकर जरूरी जानकारी क्यों नहीं मांगी। उनका कहना है कि हर गुजरते दिन के साथ शव की हालत खराब होती जा रही है और AIIMS भोपाल ने भी माना है कि उनके पास शव को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
गले पर पड़े निशान का जिक्र
अंकुर पांडे ने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष के प्रभाव की वजह से ऐसी स्थिति बनी है। इसी कारण उन्होंने दोबारा पोस्टमार्टम और जांच AIIMS दिल्ली में कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वहां शव को सुरक्षित रखने और मेडिकल जांच के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिर्फ सच सामने लाना है। शरीर पर मिले निशान और चोटें मौत से पहले की हैं या बाद की, वे कैसे लगीं और उनकी असली वजह क्या है, इसका पूरा सच सामने आना चाहिए।
वकील ने ट्विशा की लंबाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ट्विशा मॉडलिंग कर चुकी थीं और उनकी प्रोफाइल के अनुसार उनकी लंबाई करीब 172 से 173 सेंटीमीटर थी। लेकिन AIIMS के रिकॉर्ड में लंबाई 161 सेंटीमीटर दर्ज दिखाई गई है। अंकुर पांडे का कहना है कि इतनी बुनियादी जानकारी में अंतर होना जांच पर सवाल खड़े करता है और इससे लगता है कि मामले को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश हो रही है।