ट्विशा के पोस्टमॉर्टम में MP पुलिस ने कैसे कर दी इतनी बड़ी चूक? गले पर दो निशान और फंसी लगाने वाली बेल्ट ही गायब!

Twisha Suicide Case: इस मामले की जांच कर रही स्पेशल टीम के प्रमुख (ACP रजनीश कश्यप) ने माना है कि बेल्ट को मौके से जब्त तो किया गया था, लेकिन पोस्टमॉर्टम के समय डॉक्टरों को नहीं दिया गया। उधर ट्विशा के परिवार का कहना है कि आरोपी परिवार कानूनी क्षेत्र में बहुत रसूखदार है, इसलिए उन्हें मध्य प्रदेश पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है

अपडेटेड May 19, 2026 पर 1:00 PM
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Twisha Sharma Case: ट्विशा के पोस्टमॉर्टम में MP पुलिस ने कैसे कर दी इतनी बड़ी चूक? गले पर दो निशान और फंसी लगाने वाली बेल्ट ही गायब!

भोपाल में रहने वाली मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। ट्विशा, रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह की बहू थीं। AIIMS भोपाल में हुए पोस्टमॉर्टम में पुलिस की एक चूक की वजह से अब पूरी जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ट्विशा ने बेल्ट से फांसी लगाई थी। लेकिन जब डॉक्टर ट्विशा के शव का पोस्टमॉर्टम कर रहे थे, तब जांच अधिकारी (IO) ने वह बेल्ट डॉक्टरों को दिखाया ही नहीं।

जांच में क्यों थी बेल्ट की जरूरत?

डॉक्टरों को वह बेल्ट इसलिए देखनी थी, ताकि वे ट्विशा के गले पर मिले निशानों से उसका मिलान कर सकें। वैज्ञानिक तरीके से यह जांचना जरूरी था कि क्या उसी बेल्ट से वे निशान बन सकते हैं या नहीं। ट्विशा के गले पर दो समानांतर निशान मिले हैं, जिससे मामला पहले ही उलझा हुआ है।


बेल्ट न दिखाए जाने की वजह से मेडिकल टीम अपनी रिपोर्ट में यह साफ नहीं कर पाई कि मौत वाकई फांसी से हुई या वजह कुछ और थी। लड़की के घरवालों का आरोप है कि पुलिस की इस लापरवाही ने एक बहुत बड़े और मुख्य सबूत को कमजोर कर दिया है।

परिवार को पुलिस जांच पर भरोसा नहीं, CBI की मांग

ट्विशा के परिवार का कहना है कि आरोपी परिवार कानूनी क्षेत्र में बहुत रसूखदार है, इसलिए उन्हें मध्य प्रदेश पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। परिवार ने मांग की है कि ट्विशा का दोबारा पोस्टमॉर्टम दिल्ली के AIIMS में कराया जाए।

उन्होंने मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर की किसी एजेंसी या CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) से कराने की मांग की है।

पुलिस FIR में भी मिलीं गड़बड़ियां!

पुलिस की कागजी कार्रवाई पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। FIR में एक जगह ट्विशा की उम्र 31 साल लिखी है, तो दूसरी जगह 33 साल।

FIR में लिखा है कि ट्विशा का शव अंतिम संस्कार के लिए उनके माता-पिता और भाई को सौंप दिया गया है। जबकि सच यह है कि शव पिछले 7 दिनों से AIIMS के मुर्दाघर (mortuary) में ही रखा हुआ है।

अब तक क्या एक्शन हुआ?

इस मामले की जांच कर रही स्पेशल टीम के प्रमुख (ACP रजनीश कश्यप) ने माना है कि बेल्ट को मौके से जब्त तो किया गया था, लेकिन पोस्टमॉर्टम के समय डॉक्टरों को नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही की जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी। अब उस बेल्ट को फॉरेंसिक टीम के जरिए AIIMS भोपाल भेज दिया गया है।

रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके वकील बेटे समर्थ सिंह पर नए कानून (भारतीय न्याय संहिता) के तहत दहेज हत्या (Section 80(2)), पति या ससुराल वालों की तरफ से प्रताड़ना (Section 85) और मिलीभगत (Section 3(5)) का केस दर्ज किया गया है। साथ ही दहेज निषेध अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।

ट्विशा की मौत के बाद से ही उनका पति समर्थ सिंह गायब है। पुलिस की 6 से 7 टीमें उसकी तलाश में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने उस पर 10,000 रुपये का इनाम रखा है और उसका पासपोर्ट रद्द करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

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