उत्तर प्रदेश के बांदा में एक शादी का जश्न अचानक विरोध प्रदर्शन में बदल गया। दूल्हा कुलदीप अपनी ही बारात लेकर सीधे जिलाधिकारी (DM) ऑफिस पहुंच गया और वहां जमकर नारेबाजी करने लगा। उसकी मांग थी- बिजली का बिल माफ किया जाए, और इसे ही उसकी शादी का तोहफा माना जाए। मामला मटौंध थाना इलाके का है। कुलदीप की शादी महोबा के खन्ना की रहने वाली लड़की से तय थी। रविवार रात घर में मेहंदी और डांस का कार्यक्रम चल रहा था, तभी रात करीब 10:45 बजे अचानक बिजली चली गई। शुरुआत में लगा कि सामान्य कटौती है, लेकिन आसपास के घरों में बिजली जल रही थी।
जब स्मार्ट मीटर चेक किया गया, तो पता चला कि बैलेंस निगेटिव हो चुका है। कुलदीप का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली का बिल पहले से दोगुना आ रहा है, जिसे भरना उनके लिए मुश्किल हो गया है। उसने सवाल उठाया, “अंधेरे में दुल्हन को घर कैसे लाऊं?”
पूरी रात परिवार परेशान रहा। सोमवार सुबह जब बारात निकलने का समय आया, तो रिश्तेदारों ने कुलदीप को मंदिर चलने के लिए कहा, लेकिन उसने साफ मना कर दिया। उसने कहा, “पहले सब मेरे साथ DM ऑफिस चलेंगे।”
करीब 11 बजे कुलदीप शेरवानी पहनकर, हाथ में पूजा की थाली लेकर, बैंड-बाजे और बारातियों के साथ DM ऑफिस पहुंच गया। वहां यह नजारा देखकर लोग हैरान रह गए। बारात में शामिल महिलाओं ने नारे लगाए और पोस्टर लहराए- “बिजली बिल माफ करो, यही हमारी शादी का गिफ्ट है।”
सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और दूल्हे से बात की। कुलदीप ने बताया कि 15,000 रुपये का बिल आने के बाद बिजली काट दी गई, जिससे गर्मी में घरवालों को काफी परेशानी हुई। उसने कहा, “हम साधारण परिवार से हैं, इतना महंगा बिल कैसे भरें?”
DM ने दूल्हे की बात सुनी और समस्या के समाधान का भरोसा दिया। इसके बाद कुलदीप अपनी बारात के साथ वापस लौट गया।
बिजली विभाग के मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने बताया कि मीटर का बैलेंस निगेटिव होने पर ही यह समस्या आई होगी और उपभोक्ताओं को बैलेंस पॉजिटिव रखने की सलाह दी गई है। वहीं सिटी मजिस्ट्रेट संदीप केला ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
इस अनोखी घटना ने इलाके में चर्चा का विषय बना दिया- जहां आमतौर पर बारात शादी के मंडप पहुंचती है, वहीं इस बार बारात सीधे DM ऑफिस पहुंच गई!