US India Trade Deal: अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा भारत, डेयरी और एग्री जैसे सेक्टर पर US को ना कहा

US India Trade Deal: भारत और अमेरिका में 4 से 10 जून के बीच दिल्ली में बातचीत हुई। बातचीत के बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के कई सदस्य लौट गए हैं। कुछ सदस्य अब भी इंडिया में हैं। उनकी भारतीय प्रतिनिधियों के साथ बातचीत चल रही है

अपडेटेड Jun 11, 2025 पर 11:28 AM
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इंडिया पहले से डेयरी और कृषि जैसे क्षेत्रों को खोलने से इनकार करता रहा है। भारत का मानना है कि ये दोनों ही क्षेत्र उसके लिए काफी संवेदनशील हैं।

भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील के आखिरी चरण में कुछ पेच फंस गया है। भारत डेयरी, एग्रीकलचर, डिजिटल और मेडिकल सर्विसेज को लेकर अमेरिका की मांग मानने को तैयार नहीं है। मिंट ने इस मामले से जुड़े लोगों के हवाले से एक खबर दी है। इसमें कहा गया है कि अमेरिका ने इन सेक्टर्स को ओपन करने का दबाव भारत पर बना रहा है। भारत अमेरिकी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं है। भारत का मानना है कि दोनों देशों के बीच होने वाला एग्रीमेंट बैलेंस्ड होना चाहिए, जिसमें दोनों देशों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

भारत-अमेरिका के बीच 4 से 10 जून के बीच हुई बातचीत

भारत और अमेरिका (India US trade negotiations) में 4 से 10 जून के बीच दिल्ली में बातचीत हुई। बातचीत के बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के कई सदस्य लौट गए हैं। कुछ सदस्य अब भी इंडिया में हैं। उनकी भारतीय प्रतिनिधियों के साथ बातचीत चल रही है। मिंट की खबर के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिनिधि डेयरी, कृषि, डिजिटल और मेडिकल डिवाइसेज सेक्टर को पूरी तरह से खोलने के लिए भारत पर दबाव बना रहे हैं। इस बातचीत के वर्चुअल तरीके से जारी रहने की उम्मीद है। दरअसल दोनों देश अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) पर लगी रोक खत्म होने से पहले डील फाइनल करना चाहते हैं। रेसिप्रोकल टैरिफ पर लगी रोक 8 जुलाई को खत्म हो रही है।


भारत  एग्री और डेयरी जैसे सेक्टर को खोलने से इनकार करता रहा है

इंडिया पहले से डेयरी और कृषि जैसे क्षेत्रों को खोलने से इनकार करता रहा है। भारत का मानना है कि ये दोनों ही क्षेत्र उसके लिए काफी संवेदनशील हैं। अगर इन्हें विदेशी गुड्स के लिए ओपन किया जाता है तो इन सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिसे कंट्रोल करना मुश्किल होगा। भारत का यह रुख अमेरिका के साथ बातचीत में बड़े गतिरोध के रूप में सामने आया है। एक सूत्र ने बताया, "बातचीत उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ रही है। पहले यह तय हुआ था कि बातचीत में दोनों पक्षों की राय सुनी जाएगी। लेकिन, अमेरिका कुछ खास सेक्टर को ओपन करने के लिए दबाव बना रहा है। उसका कहना है कि अगर भारत इन सेक्टर्स को ओपन करने के लिए तैयार नहीं है तो फिर डील नहीं हो सकती।"

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दोनों देश रेसिप्रोकल टैरिफ पर रोक खत्म होने से पहले डील चाहते हैं

अमेरिका भारत पर एग्रीकल्चरल गुड्स पर ड्यूटी में बड़ी कटौती के लिए दबाव बना रहा है। हालांकि, इसके बदले में वह इंडियन प्रोडक्ट्स को अमेरिकी मार्केट्स में आसान एंट्री देने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि, बातचीत में गतिरोध के बावजूद दोनों पक्षों को कोई रास्ता निकलने की उम्मीद है। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा कि ऐसा नहीं है कि डील मुमकिन नहीं है। दोनों देश डील के पक्ष में हैं। असल में इंडिया पहला देश है, जिसे अमेरिका ने बातचीत का ऑफर दिया था।

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