अमेरिका-ईरान के बीच जारी जंग का असर पूरी दुनिया पर पड़े रहा है। एक तरफ बीते 39 दिन से ईरान और अमेरिका एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ पूरी दुनिया उर्जा संकट से जूझने लगी है। इस जंग के असर से भारत भी अछूता नहीं रहा है। देश में LPG किल्लत की लगातार खबरें आ रही हैं। वहीं LPG किल्लत के बीच भारत सरकार ने एक बड़ी अच्छी खबर दी है। जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि बीते दो दिनों में एलपीजी लेकर आ रहे दो और भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुके हैं।
दो और जहाजों ने पार किया होर्मुज
जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में भारतीय झंडे वाले जहाजों से जुड़ी कोई भी घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दो दिनों में एलपीजी लेकर जा रहे भारतीय झंडे वाले दो जहाज—ग्रीन संघवी और ग्रीन आशा ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से पार कर लिया है। इसके अलावा, पश्चिमी फ़ारसी खाड़ी इलाके में इस समय भारतीय झंडे वाले 16 जहाज मौजूद हैं, जिन पर कुल 433 भारतीय नाविक सवार हैं।
मुकेश मंगल ने यह भी कहा कि मंत्रालय लगातार विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ संपर्क में है, ताकि नाविकों की सुरक्षा बनी रहे और समुद्री कामकाज में किसी तरह की परेशानी न आए। उन्होंने आगे बताया कि होर्मुज के पश्चिमी इलाके में मौजूद 16 भारतीय जहाज़ों में अलग-अलग तरह के जहाज शामिल हैं। इनमें 1 एलएनजी जहाज है, 2 एलपीजी ले जाने वाले जहाज हैं (जिनमें से एक खाली है), 6 जहाज कच्चा तेल ले जा रहे हैं (इनमें से 5 भरे हुए हैं), 1 केमिकल जहाज है और 2 बल्क कार्गो जहाज हैं।
होर्मुज पार करने के लिए भारत, ईरान चुका रहा कोई फीस?
सामने आई जानकारी के मुताबिक होर्मुज पार कर आ रहे ग्रीन सांवरी जहाज के 7 अप्रैल को और ग्रीन आशा जहाज के 9 अप्रैल को भारत पहुंचने की उम्मीद है। मुकेश मंगल ने साफ किया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों के गुजरने के बदले ईरान सरकार को किसी तरह की फीस या लेवी देने को लेकर भारत और ईरान के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी जानकारी का पता नहीं है।