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US-Israel and Iran War: अगर लड़ाई लंबी चली तो भारत के क्रूड आयात का क्या होगा?

होर्मुज की खाड़ी में बाधा आती है तो इंडिया और ग्लोबल ऑयल मार्केट्स पर इसका तुरंत असर पड़ेगा। भारत को रोजाना करीब 26 लाख बैरल क्रूड की सप्लाई इस रास्ते से होती है। यह तेल मुख्य रूप से ईराक, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत से आता है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Feb 28, 2026 पर 4:08 PM
US-Israel and Iran War: अगर लड़ाई लंबी चली तो भारत के क्रूड आयात का क्या होगा?
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी।

इजरायल-अमेरिका की ईरान से लड़ाई का असर इंडिया में क्रूड ऑयल की सप्लाई पर पड़ने का डर है। इस लड़ाई का असर होर्मुज की खाड़ी के रास्ते होने वाली सप्लाई पर पड़ेगा। इस रास्ते से भारत को काफी ज्यादा क्रूड की सप्लाई होती है। एनालिस्ट्स का कहना है कि होर्मुज की खाड़ी अगर बंद होती है तो भारत को हर महीने 50 फीसदी तेल की सप्लाई खतरे में पड़ सकती है।

इस रास्ते रोजाना 26 लाख बैरल का आयात

Kpler में लीड रिसर्च एनालिस्ट सुमित रितोलिया ने कहा, "होर्मुज की खाड़ी में बाधा आती है तो इंडिया और ग्लोबल ऑयल मार्केट्स पर इसका तुरंत असर पड़ेगा। भारत को रोजाना करीब 26 लाख बैरल क्रूड की सप्लाई इस रास्ते से होती है। यह तेल मुख्य रूप से ईराक, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत से आता है।"

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