Get App

Vande Bharat: पीएम मोदी ने देश की पहली 'वंदे भारत' स्लीपर ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, बोले- 'बंगाल की प्रगति को गति देने का अभियान और तेज हुआ'

Vande Bharat Sleeper Train: प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा दौरे के दौरान टाउन रेलवे स्टेशन से हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने गुवाहाटी (कामाख्या)–हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को वर्चुअल माध्यम से भी रवाना किया

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jan 17, 2026 पर 3:11 PM
Vande Bharat: पीएम मोदी ने देश की पहली 'वंदे भारत' स्लीपर ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, बोले- 'बंगाल की प्रगति को गति देने का अभियान और तेज हुआ'
Vande Bharat Sleeper Train: भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आज से चालू हो गई है

Vande Bharat Sleeper Train: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (17 जनवरी) को पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन स्टेशन से हावड़ा और गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही, उन्होंने यहां से गुवाहाटी-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की वापसी को डिजिटल रूप से हरी झंडी भी दिखाई। इस मौके पर, प्रधानमंत्री ने ट्रेन के अंदर बच्चों और स्कूल छात्रों से भी बातचीत की।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में 3,250 करोड़ रुपये से अधिक के रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने उत्तर बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार को भारत के अन्य हिस्सों से जोड़ने वालीं चार अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक बयान में कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को आधुनिक भारत की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। यह ट्रेन पूरी तरह से एयर-कंडीशन्ड होगी। इसमें यात्रियों को कम दाम में फ्लाइट जैसा यात्रा अनुभव” मिलेगा। बयान में कहा गया, "यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी।"

PM मोदी ने बताया कि इसके अलावा, हावड़ा-गुवाहाटी मार्ग पर यात्रा समय में 2.5 घंटे की महत्वपूर्ण कमी आएगी। इससे धार्मिक यात्रा और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इसके बाद, पीएम मोदी मालदा में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए जाएंगे, जहां वह 3,250 करोड़ रुपये की रेल और सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें