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VD Satheesan Net Worth: केरल में नए CM बनने जा रहे वीडी सतीशन की नेटवर्थ कितनी है?

VD Satheesan Net Worth: कांग्रेस की केरल इकाई के वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। कांग्रेस आलकमान ने पार्टी की प्रदेश इकाई के नेताओं के साथ लंबी मंत्रणा के बाद सतीशन के नाम पर मुहर लगाई है। केरल में हाल में समाप्त हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) ने राज्य की कुल 140 सीट में से 102 पर जीत दर्ज की

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड May 14, 2026 पर 3:51 PM
VD Satheesan Net Worth: केरल में नए CM बनने जा रहे वीडी सतीशन की नेटवर्थ कितनी है?
VD Satheesan Net Worth: केरल के नए मुख्यमंत्री के पास 6 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है

VD Satheesan Net Worth: कांग्रेस की केरल इकाई के वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। कांग्रेस आलाकमान ने गुरुवार (14 मई) को पार्टी के शीर्ष और प्रदेश इकाई के नेताओं के साथ लंबी मंत्रणा के बाद सतीशन के नाम पर मुहर लगाई। सतीशन केरल की पिछली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे। सतीशन के अलावा कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे। बीते सात मई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर पार्टी आलाकमान को विधायक दल के नेता के चयन के लिए अधिकृत किया गया था।

केरल में हाल में समाप्त हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) ने राज्य की कुल 140 सीट में से 102 पर जीत दर्ज की थी। सतीशन केरल की पिछली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे। केरल विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के पीछे अहम भूमिका निभाने वाले सतीशन ने चुनाव से ठीक पहले वादा किया था कि अगर कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा निर्णायक जीत हासिल नहीं करता, तो वह 'राजनीतिक वनवास' ले लेंगे।

चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने गठबंधन की संभावनाओं को लेकर दृढ़ भरोसा जताया था। संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा जीत गया। अब यह वादा सतीशन के उस भरोसे का संकेत ज्यादा लगता है कि परिस्थितियां पहले ही उनके पक्ष में बदल चुकी थीं। केरल में कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए इस जीत की जड़ें 2021 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद के कठिन दौर से जुड़ी हैं।

कांग्रेस के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी ने सतीशन को विपक्ष का नेता बनाया था। तब जो फैसला जोखिम भरा और अनिश्चितता वाला लग रहा था। अब पार्टी के भीतर उसे एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। सतीशन के जमीनी स्तर के काम और स्थानीय मुद्दों पर लगातार ध्यान देने से संगठन और मतदाताओं का भरोसा फिर से मजबूत हुआ।

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