आखिरकार विजय कल यानी 10 मई को दोपहर 3:15 बजे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। लोक भवन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है। यह फैसला तब सामने आया जब विजय ने शनिवार शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) और IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) ने TVK को “बिना शर्त समर्थन” दे दिया है। इसके बाद विजय के गठबंधन की कुल संख्या 120 तक पहुंच गई, जो बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से ज्यादा है।
टीवीके महासचिव अधव अर्जुना ने VCK का समर्थन पत्र दिखाते हुए कहा, “विक्ट्री।”
इससे पहले कांग्रेस ने भी टीवीके को समर्थन दिया था। हालांकि, कांग्रेस ने शर्त रखी थी कि गठबंधन में किसी “सांप्रदायिक ताकत” को शामिल नहीं किया जाएगा।
तमिलनाडु में बहुमत का गणित
विजय सरकार में शामिल नहीं होगी VCK
इससे पहले वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी फिलहाल विजय सरकार में शामिल नहीं होगी।
उन्होंने कहा, “हम सरकार का हिस्सा नहीं बनेंगे। हम बाहर से समर्थन दे रहे हैं। भविष्य में सरकार में शामिल होंगे या नहीं, यह अभी नहीं कह सकता। हम राजभवन भी नहीं जाएंगे। विजय जब राज्यपाल से मिलेंगे, उसके बाद शपथ ग्रहण समारोह पर फैसला होगा।”
थिरुमावलवन के इस बयान से साफ हो गया है कि वीसीके ने टीवीके सरकार को बिना शर्त बाहरी समर्थन दिया है और फिलहाल पार्टी किसी मंत्री पद या कैबिनेट में हिस्सेदारी नहीं चाहती।
उन्होंने बताया कि यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि विजय की सरकार बनने में कोई रुकावट न आए और तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लगाने की नौबत न आए।
उन्होंने कहा, “हम सिर्फ सरकार गठन के लिए समर्थन दे रहे हैं। इसके साथ कोई दूसरी शर्त नहीं जुड़ी है।”
थिरुमावलवन ने बताया कि विजय उनसे मिलने आने वाले थे, लेकिन उन्होंने खुद कहा कि शपथ ग्रहण के बाद मुलाकात हो जाएगी और आज आने की जरूरत नहीं है। इसके बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी शांतिपूर्वक घर जाने की अपील की।
VCK प्रमुख ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने फैसले की जानकारी DMK अध्यक्ष एम के स्टालिन को भी दे दी थी। उनके मुताबिक, स्टालिन ने जवाब दिया, “अगर आपने यह फैसला लिया है, तो मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।”