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Vinod Kumar Shukla: प्रसिद्ध हिंदी लेखक और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता विनोद कुमार शुक्ल का निधन! 89 साल की उम्र में ली आखिरी सांस, पीएम मोदी ने जताया शोक

Vinod Kumar Shukla passed away: जाने-माने हिंदी लेखक और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता विनोद कुमार शुक्ल का मंगलवार (23 दिसंबर) को 89 साल की उम्र में निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने 1 नवंबर को विनोद कुमार शुक्ल से बात की थी। उन्होंने उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा था

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Dec 23, 2025 पर 6:51 PM
Vinod Kumar Shukla: प्रसिद्ध हिंदी लेखक और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता विनोद कुमार शुक्ल का निधन! 89 साल की उम्र में ली आखिरी सांस, पीएम मोदी ने जताया शोक
Vinod Kumar Shukla passed away: विनोद कुमार शुक्ला ने मंगलवार शाम करीब 04.58 बजे AIIMS रायपुर में आखिरी सांस ली

Vinod Kumar Shukla passed away: जाने-माने हिंदी लेखक और भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का मंगलवार (23 दिसंबर) शाम निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। उनके बेटे शाश्वत शुक्ल ने मंगलवार को यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने 1 नवंबर को विनोद कुमार शुक्ला से बात की थी और उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा था। शुक्ल के परिवार में उनकी पत्नी, बेटा शाश्वत और एक बेटी है।

शाश्वत शुक्ल ने पीटीआई को बताया कि सांस लेने में तकलीफ होने के बाद शुक्ल को इस महीने की दो तारीख को रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया था जहां आज शाम 4.58 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। शाश्वत ने बताया कि शुक्ल के पार्थिव शरीर को पहले उनके निवास स्थान ले जाया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार के संबंध में जल्द ही जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि अक्टूबर माह में सांस लेने में हो रही तकलीफ के बाद शुक्ल को रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तबीयत में सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी तब से वह घर पर ही इलाज करा रहे थे। उन्होंने बताया कि दो दिसंबर को अचानक तबीयत अधिक बिगड़ने के बाद उन्हें रायपुर एम्स ले जाया गया जहां उनका इलाज किया जा रहा था।

'नौकर की कमीज', 'खिलेगा तो देखेंगे', 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' और 'एक चुप्पी जगह' जैसे उपन्यासों के रचयिता विनोद कुमार शुक्ल को 59 वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 21 नवंबर को शुक्ल को उनके रायपुर स्थित निवास पर आयोजित एक समारोह में ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया था।

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