West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बातें भी रख रही हैं। सोमवार (29 दिसंबर) को न्यू टाउन में 'दुर्गा आंगन' की आधारशिला रखते हुए ममता बनर्जी ने विपक्ष पर तीखा हमला किया। साथ ही खुद को 'धर्मनिरपेक्ष' बताया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंच से लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में बंगाल के लोगों को अपनी पहचान साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "बंगाली में बात करने पर बांग्लादेशी कहा जाता है। कई जगहों पर होटल में कमरा तक नहीं दिया जाता। क्या बंगाल में रहकर भारतीय नागरिक होने का सबूत देना पड़ेगा?" इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि नागरिकता और मतदान के अधिकार को लेकर लोगों में डर क्यों फैलाया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि पिछले एक महीने में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और आम लोग भारी उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं मां दुर्गा से प्रार्थना करूंगी कि मानवता की रक्षा करें और बुराई की शक्तियों का नाश करें। लोगों को बहुत उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।"
मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान फांसी पर चढ़ाए गए 600 लोगों में से 500 बंगाल से थे। उन्होंने कहा कि बंगाल का देश की आजादी में बड़ा योगदान रहा है। फिर भी आज बंगालियों को शक की नजर से देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा, "जब मैं गुरुद्वारा जाती हूं, तो अपना सिर ढक लेती हूं। इस पर कोई आपत्ति नहीं करता। फिर उपवास रखने पर इतनी आपत्ति क्यों होती है? जैसे आज मैं चादर पहनकर आई हूं। क्योंकि हिंदू परंपरा के अनुसार, वस्त्र पहनना जरूरी है।"
पश्चिम बंगाल में आने वाले 3-4 महीनों में विधानसभा चुनाव है। ऐसे में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले मंदिरों की नींव रखना और धर्मनिरपेक्षता पर जोर देना ममता बनर्जी की रणनीति का हिस्सा है। एक तरफ वे विपक्ष के 'तुष्टिकरण' के आरोपों का जवाब दे रही हैं। वहीं दूसरी ओर बंगाली अस्मिता और नागरिक अधिकारों को चुनावी मुद्दा बना रही हैं।