बंगाल चुनाव से पहले ममता का तोहफा! आशा वर्कर्स की सैलरी और DA में इजाफा, 'लक्ष्मी भंडार' स्कीम और बेरोजगारों को भी Good News
West Bengal Assembly Election 2026: इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत हर महिला को मिलने वाली राशि में 500 रूपये की वृद्धि की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ये तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इसके अलावा आशा वर्कर्स की सैलरी और DA में भी इजाफा हुआ है
West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल की महिलाओं को ममता बनर्जी ने चुनावी तोहफा दिया है
West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार (5 फरवरी) को अपनी मुख्य योजना 'लक्ष्मी भंडार' के तहत हर महिला को मिलने वाली राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दिया। बंगाल की 2.42 करोड़ महिलाओं के लिए मासिक सहायता राशि में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। बढ़ी हुई राशि फरवरी 2026 से ही लागू हो जाएगी। इसके अलावा आशा वर्कर्स की सैलरी में भी इजाफा हुआ है। वहीं, बंगाल के बेरोजगार युवाओं के लिए ममता सरकार ने एक नई स्कीम लॉन्च की है।
इन फैसलों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को लुभाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। बंगाल सरकार ने ASHA वर्कर्स का मानदेय 1,000 रुपये बढ़ा दिया है। इसके साथ ही एक नई योजना 'बांग्लार युवा साथी' की घोषणा की गई है। इसके तहत बंगाल में 21 से 40 साल के बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिलने तक या पांच साल तक 1,500 रुपये मिलेंगे।
वित्त मंत्री ने विधानसभा में की घोषणा
पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने राज्य विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि 'लक्ष्मी भंडार' योजना (Lakshmir Bhandar scheme) के तहत महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता राशि फरवरी से 500 रुपये बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बेरोजगार युवाओं के लिए 'बांग्लार युवा साथी (Bangla Yuba Sathi)' नाम से एक नई योजना शुरू करने की भी घोषणा की। इस योजना के तहत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के बेरोजगारों को प्रति माह 1,500 रुपये का भत्ता दिया जाएगा।
DA में भी बढ़ोतरी
यह सहायता राशि युवाओं को नौकरी मिलने तक या अधिकतम पांच वर्ष की अवधि तक, जो भी पहले हो, जारी रहेगी। इसके अलावा भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
महिलाओं को साधने की कोशिश
इसके अलावा आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मासिक मानदेय राशि में 1,000 रुपये की वृद्धि की भी बजट में घोषणा की गई। पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में संभावित विधानसभा चुनावों से पहले पेश किए गए अंतरिम बजट में सामाजिक कल्याण, रोजगार सहायता और जमीनी स्तर के कर्मचारियों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
उन्होंने राज्य के लिए सातवें वेतन आयोग की भी घोषणा की। ये प्रस्ताव वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अंतरिम (वोट-ऑन-अकाउंट) बजट का हिस्सा थे, जिसे गुरुवार को पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सदन में पेश किया।
4.06 लाख करोड़ का बजट पेश
पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया। इमें महिलाओं, युवाओं और राज्य कर्मचारियों के लिए कई अहम घोषणाएं की गई। फिलहाल, सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये मिलते हैं। जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को 1,200 रुपये मिलते हैं।
अंतरिम बजट प्रस्ताव के अनुसार, सामान्य वर्ग की महिलाओं को अब से हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे। जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये मिलेंगे। अंतरिम बजट प्रस्तावों में 'लक्ष्मी भंडार' प्रोजेक्ट के तहत 15,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
इन्हें भी मिला तोहफा
राज्य सरकार ने इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज (ICDS) वर्कर्स, पैरा टीचर्स, शिक्षा बंधु, शिक्षा सहायक और सिविक और ग्रीन पुलिस कर्मियों की सेलरी 1,000 रुपये बढ़ा दिया है। इसके अलावा, गिग वर्कर्स को अब स्वास्थ्य साथी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के तहत लाया गया है। अंतरिम बजट का आकार 4,600 करोड़ रुपये था।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूरा राज्य बजट इस साल होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों के बाद नई कैबिनेट द्वारा पेश किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव इस साल अप्रैल या मई महीने में होने हैं। अगले महीने बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा होने की उम्मीद है।