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Bengal Election: चुनाव कराने वाले अधिकारी ही नहीं डाल पाए वोट! 65 अफसरों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

इसका मतलब है कि इन 65 अधिकारियों के वोट डालने पर अभी संशय बना हुआ है, लेकिन उनके नाम भविष्य के लिए वोटर लिस्ट में वापस जोड़ने पर ट्रिब्यूनल अंतिम फैसला लेगा। पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की ओर से की गई स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के तहत कुल 90.8 लाख से 91 लाख के बीच नाम हटाए गए थे

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड Apr 24, 2026 पर 1:33 PM
Bengal Election: चुनाव कराने वाले अधिकारी ही नहीं डाल पाए वोट! 65 अफसरों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
Bengal Election: चुनाव कराने वाले अधिकारी ही नहीं डाल पाए वोट! 65 अफसरों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

देश के कई राज्यों में इन दिनों लोकतंत्र का त्योहार मनाया जा रहा है, लेकिन इसे संपन्न कराने वाले कुछ अधिकारियों के साथ एक अजीब स्थिति पैदा हो गई है। पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी पर तैनात 65 अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनकी शिकायत है कि मतदाता सूची (Voter List) से उनके नाम ही गायब कर दिए गए हैं, जिसके कारण वे खुद मतदान नहीं कर पा रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

सीनियर एडवोकेट एम.आर. शमशाद ने याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील पेश की। उन्होंने कोर्ट को बताया, "ये सभी 65 याचिकाकर्ता अभी चुनाव ड्यूटी पर तैनात हैं। हैरानी की बात यह है कि उनके ड्यूटी ऑर्डर पर उनके वोटर आईडी (EPIC) नंबर लिखे हुए हैं, लेकिन अब वही नंबर वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। बिना किसी ठोस कारण के नाम हटाना पूरी तरह से मनमाना और गलत है।

वकील ने तंज कसते हुए कहा, "जो लोग चुनाव करवा रहे हैं, वही अब वोट डालने के अधिकार से वंचित हैं।"

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