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West Bengal Elections: समिक भट्टाचार्य की नियुक्ति से BJP का हौसला बुलंद, क्या 2026 में फिर होगा खेला?

समिक भट्टाचार्य के अध्यक्ष बनने से भाजपा न सिर्फ शहरी मध्यमवर्ग बल्कि ग्रामीण इलाकों के मतदाताओं को भी साध सकती है। भट्टाचार्य कोलकाता के साल्ट लेक सिटी के रहने वाले हैं। बंगाली बहुत अच्छा बोलते हैं। साथ ही हिंदी और अंग्रेजी पर उनकी अच्छी पकड़ है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jul 05, 2025 पर 12:22 PM
West Bengal Elections: समिक भट्टाचार्य की नियुक्ति से BJP का हौसला बुलंद, क्या 2026 में फिर होगा खेला?
समिक भट्टाचार्य कुर्ता और पायजामा की जगह पैंट और शर्ट पहनना पसंद करते हैं। यह पहनावा व्यक्ति को सीधे उस मध्यम वर्ग से जोड़ता है, जिसका आज चुनाव जीताने में बड़ी भूमिका हो गई है।

पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष पद पर समिक भट्टाचार्य की नियुक्ति के बाद भाजपा का हौसला बुलंद है। इस नियुक्ति से लगता है कि ऐसी कई कमियां दूर हो गई हैं, जो 2021 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार का कारण बनी थीं। सवाल है कि क्या अगले साल पश्चिम बंगाल में खेला होने जा रहा है? इस चुनाव की तैयारियों को लेकर बीजेपी काफी गंभीर दिख रहा है। 2021 में भी बीजेपी ने बंगाल विधानसभा चुनावों में अपनी पूरी ताकत लगा दी थी। इससे पार्टी का वोट शेयर तो बढ़ा था, लेकिन वह ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री पद से बेदखल करने में नाकाम रही थी।

बंगाल में चलेगी बांगला 

यह मार्च 2021 की बात है। राज्य में विधानसभा चुनावों का प्रचार अभियान अपने चरम पर था। झारग्राम जिले के नक्सल प्रभावित लालगढ़ इलाके में BJP ने एक बड़ी रैली का आयोजन किया था। उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को सुनने और देखने के लिए भारी भीड़ जुटी थी। इसमें ज्यादातर संथाल जनजाति के लोग थे। मौर्य का नाम स्टार प्रचारकों में शामिल था। उन्होंने 30 मिनट तक भाषण दिया। उन्होंने भाषण का अंत 'जय श्रीराम' के नारे के साथ किया। लेकिन, जनता की वाहवाही सुनने को नहीं मिली।

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