भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच देश में कब-कहां और कैसे होगा मॉक ड्रिल, यहां जानें पूरी जानकारी

Mock Drill : गृह मंत्रालय ने आदेश दिया है कि 7 मई को देश के 244 जिलों में मॉक ड्रिल करवाई जाएगी। इस मॉक ड्रिल का मकसद शहरी और ग्रामीण इलाकों में नागरिक सुरक्षा की तैयारी और जागरूकता को बढ़ाना है। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह अभ्यास किया जाएगा, उनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और गुजरात शामिल हैं

अपडेटेड May 06, 2025 पर 4:32 PM
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7 मई को होने वाली इस मॉक ड्रिल में अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 244 जिले शामिल होंगे।

Mock Drill : पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 मासूम लोगों की हत्या कर दी थी। इस कायराना हमले के बाद पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा है और लोग पाक समर्थित आतंकियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दोनों ही देश युद्ध के मुहाने पर आ खड़े हुए हैं। वहीं इनसबके बीच भारत सरकार ने पूरे देश में बुधवार सात मई को  मॉक ड्रील करने जा रही है।  चलिए, जानते हैं कि क्या होता है मॉक ड्रिलिंग और किस प्रकार युद्ध अभ्यास में मदद करती है?

देशभर के 244 जिलों में मॉक ड्रिल होगी

गृह मंत्रालय ने आदेश दिया है कि 7 मई को देश के 244 जिलों में मॉक ड्रिल करवाई जाएगी। इस मॉक ड्रिल का मकसद शहरी और ग्रामीण इलाकों में नागरिक सुरक्षा की तैयारी और जागरूकता को बढ़ाना है। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह अभ्यास किया जाएगा, उनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और गुजरात शामिल हैं।


लोगों को दी जाएगी ट्रेनिंग

गृह मंत्रालय ने कहा है कि 7 मई को होने वाली मॉक ड्रिल के दौरान लोगों को हवाई हमले के सायरन, ब्लैकआउट जैसी स्थितियों में कैसे प्रतिक्रिया देनी है, यह सिखाया जाएगा। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि इस अभ्यास का उद्देश्य डर फैलाना नहीं, बल्कि लोगों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार करना है। नागरिक सुरक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, युद्ध जैसी स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जिनेवा कन्वेंशन के तहत ज़रूरी है और इसी कारण यह ड्रिल की जा रही है। उन्होंने कहा, "हमें लोगों को सशक्त बनाना है और उन्हें यह सिखाना है कि ऐसी परिस्थितियों में वे खुद को कैसे सुरक्षित रखें।"

इस तरह का आखिरी अभ्यास 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान हुआ था और उससे पहले 1971 के भारत-पाक युद्ध में। अधिकारी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ऐसी स्थितियों से पूरी तरह अनजान है,

कैसे होगी मॉक ड्रील 

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नोटिस जारी करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मॉक ड्रिल करने का आदेश दिया है। 7 मई को होने वाली इस मॉक ड्रिल में अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 244 जिले शामिल होंगे। इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए पहले तय समय पर सायरन बजाया जाता है या फिर लोगों को चेतावनी दी जाती है। बताया जाता है कि आग लगी है, बम की सूचना है या फिर भूकंप आया है। उसके बाद फायर ब्रिगेड, NDRF, पुलिस और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचती हैं, सभी को जल्दी और सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जाता है।

युद्ध के समय लोग क्या तैयारी करते हैं? जानिए कैसे रहें सुरक्षित

अगर कभी देश में युद्ध जैसी स्थिति बन जाए, तो खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए कुछ जरूरी तैयारियां पहले से कर लेनी चाहिए। दुनिया के कई देशों ने ऐसे हालात में लोगों को कुछ ज़रूरी चीजें अपने पास रखने की सलाह दी है। जिसमें,

  • कम से कम 3 से 7 दिनों के लिए पानी और खाने का इंतजाम रखें।
  • प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स रखें जिसमें पट्टियाँ, एंटीसेप्टिक, दर्द की दवा, चिमटी, थर्मामीटर और आपकी जरूरत की दवाइयां हों।
  • सुरक्षा और उपयोगी सामान, जैसे फ्लैशलाइट, गर्म कपड़े, कंबल या स्लीपिंग बैग, पावर बैंक और चार्जर
  • आसपास के सुरक्षित रूट और शेल्टर का नक्शा रखें।

 

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