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Robodog: मेटल का कुत्ता, जो न भौंकता न काटता, लेकिन बड़े काम का, क्या है ये बला? जिसने बढ़ा दी Galgotias यूनिवर्सिटी की मुश्किलें

इस बवाल के बाद सरकार ने Galgotias यूनिवर्सिटी को स्टॉल खाली करने को कहा, और यूनिवर्सिटी ने सफाई दी कि उन्होंने कभी दावा नहीं किया कि ये उन्होंने बनाया है। यूनिवर्सिटी ने कहा- ये सिर्फ स्टूडेंट्स की रिसर्च के लिए इस्तेमाल हो रहा था। लेकिन सोशल मीडिया पर मीम्स बने, और ये भारत की इनोवेशन इमेज पर सवाल उठाता है

Shubham Sharmaअपडेटेड Feb 18, 2026 पर 4:38 PM
Robodog: मेटल का कुत्ता, जो न भौंकता न काटता, लेकिन बड़े काम का, क्या है ये बला? जिसने बढ़ा दी Galgotias यूनिवर्सिटी की मुश्किलें
Robodog: मेटल का कुत्ता, जो न भौंकता न काटता, लेकिन बड़े काम का, क्या है ये बला?

कल्पना कीजिए कि आपके पास एक ऐसा पालतू कुत्ता है, जो न भौंके न काटे, जिसके न ही पूंछ हो और खतरनाक से खतरनाक जगहों पर जाकर ये आपकी मदद भी करता हो। बस फर्क इतना होगा कि ये कुत्ता मांस और हड्डी से नहीं बल्कि मेटल से बना होगा और इसके पास दिमाग नहीं बल्कि एडवांस टेक्नोलॉजी होगी। इन्हें ही कहा जाता है Robodog या Robotic Dog। चलिए आज हम Robodog के बारे में बात करेंगे, खासकर वो विवाद जो हाल ही में India AI Impact Summit 2026 में Galgotias University के साथ हुआ। हम जानेंगे कि Robodog क्या है, इसका कॉन्सेप्ट सबसे पहले कब और कैसे आया, अब ये कहां इस्तेमाल हो रहा है?

AI Summit 2026 में क्या हुआ?

ये समिट दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी 2026 से शुरू हुआ, जहां PM मोदी ने उद्घाटन किया। ये भारत की AI तकनीक को दुनिया के सामने दिखाने का एक बड़ा इवेंट है। इसमें Galgotias University ने भी अपना स्टॉल लगाया और वहां एक Robodog दिखाया, जिसका नाम रखा 'Orion'।

यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने वीडियो में कहा कि ये उनके सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बनाया गया है। लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ और लोगों ने पहचान लिया कि ये चाइनीज कंपनी Unitree का Go2 मॉडल है, जो इंडिया में 2-3 लाख रुपए में ऑनलाइन मिलता है! ये कोई इन-हाउस इनोवेशन नहीं था, बल्कि इम्पोर्टेड प्रोडक्ट था। लोगों ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी ने इसे अपना बताकर धोखा दिया।

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