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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब आगे क्या? सोमवार को बड़ा कदम उठा सकती है सरकार, फुल डिटेल जानिए

विधेयक के मसौदे में पेपर लीक कराने या सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के लिए 5 से 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा पेपर लीक के मामलों की जांच 2 महीने के भीतर पूरी करना अनिवार्य होगा। वहीं, इस कानून के तहत दर्ज मामलों का ट्रायल चार्जशीट दाखिल होने के 3 महीने के भीतर पूरा करने का भी प्रस्ताव है

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Jul 25, 2026 पर 5:26 PM
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब आगे क्या? सोमवार को बड़ा कदम उठा सकती है सरकार, फुल डिटेल जानिए
सरकार यह विधेयक 27 जुलाई को संसद में पेश कर सकती है।

नीट पेपर लीक विवाद को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि ये लोकतंत्र की जीत है। वहीं शिक्षा मंत्री के इस्तीफे ने जहां राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। वहीं इस बड़े घटनाक्रम के साथ ही दो एक सवाल तेजी से तैरने लगे हैं कि अब सरकार का अगला कदम क्या होगा। केंद्र सरकार सोमवार 27 जुलाई को एक और बड़े कदम की ओर बढ़ती दिख रही है।

ये विधेयक लाने की तैयारी

जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 'सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' लाने का प्रस्ताव रखा है। इस नए कानून का मकसद संगठित तरीके से पेपर लीक करने वालों पर सख्त कार्रवाई करना है। प्रस्ताव के मुताबिक ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कम से कम 7 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। सरकार यह विधेयक 27 जुलाई को संसद में पेश कर सकती है।

विधेयक में कड़ी सजा का प्रवधान 

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