राज्यसभा चले नीतीश कुमार, अब BJP संभालेगी बिहार! CM पद की रेस में ये बड़े चेहरे

Bihar Politics: राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगर नीतीश कुमार सक्रिय राज्य राजनीति से हटते हैं, तो बिहार में अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी का हो सकता है। विधानसभा में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। भविष्य में नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति से पूरी तरह अलग हो जाते हैं, तो पार्टी को टूटने से बचाने के लिए भी यह कदम उठाया जा सकता है

अपडेटेड Mar 05, 2026 पर 1:47 PM
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नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद कौन संभालेगा बिहार की कमान? BJP को मिल सकता है फायदा!

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव होने के संकेत मिल रहे हैं। रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के करीब चार महीने बाद अब नीतीश कुमार गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करने वाले हैं। माना जा रहा है कि इस कदम से राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगर नीतीश कुमार सक्रिय राज्य राजनीति से हटते हैं, तो बिहार में अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी का हो सकता है। विधानसभा में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है।

BJP से हो सकता है अगला मुख्यमंत्री


सूत्रों के मुताबिक NDA में सत्ता संतुलन को लेकर नई व्यवस्था बन सकती है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा, जबकि जनता दल (यूनाइटेड) को दो उपमुख्यमंत्री पद दिए जा सकते हैं।

संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवारों में बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा का नाम सामने आ रहा है। इसके अलावा बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जयसवाल और दीघा से बीजेपी विधायक संजीव चौरसिया भी इस दौड़ में बताए जा रहे हैं।

वहीं जेडीयू की तरफ से विजय कुमार चौधरी और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाने की चर्चा है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय भी मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदार बताए जा रहे हैं।

अमित शाह का पटना दौरा

इसी बीच अमित शाह भी पटना पहुंच गए हैं। उनके इस दौरे को बिहार में संभावित नेतृत्व परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि NDA जल्द ही राज्य में नए नेतृत्व को लेकर फैसला कर सकता है।

राजनीति में एंट्री करेंगे निशांत कुमार

उधर, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी जल्द राजनीति में कदम रखने वाले हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि उन्हें राज्य का उप-मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

जेडीयू नेता श्रवण कुमार ने कहा कि पार्टी के अंदर और राज्य के युवाओं के बीच लंबे समय से मांग उठ रही थी कि निशांत कुमार राजनीति में आएं। उन्होंने कहा कि अब इस रास्ते को साफ कर दिया गया है और एक-दो दिनों में औपचारिक घोषणा हो सकती है।

वंशवाद पर उठ सकते हैं सवाल

हालांकि नीतीश कुमार के कुछ करीबी नेताओं का मानना है कि वह अपने बेटे को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित करने से हिचक सकते हैं। इसकी वजह यह है कि वह लंबे समय से वंशवादी राजनीति की आलोचना करते रहे हैं।

लेकिन कुछ लोग इसे एक रणनीतिक कदम भी मान रहे हैं। उनका कहना है कि अगर भविष्य में नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति से पूरी तरह अलग हो जाते हैं, तो पार्टी को टूटने से बचाने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है। साथ ही पार्टी के अंदर नेताओं के बीच संभावित शक्ति संघर्ष को भी इससे रोका जा सकता है।

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