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अमेरिका-ईरान डील का भारत को बंपर फायदा! समंदर में फंसे 34 जहाजों की वापसी का रास्ता साफ, खत्म होगी पेट्रोल-डीजल की टेंशन

US Iran Deal-India: 'दिशा' के इस सुरक्षित सफर ने फारस की खाड़ी में फंसे भारत के अन्य 34 जहाजों के लिए भी सुरक्षित वापसी की एक बड़ी उम्मीद जगा दी है। जानिए भारत के कौन से जहाज वहां फंसे है और क्या इस डील के बाद देश में पेट्रोल-डीजल, खाद और LPG गैस की किल्लत पूरी तरह खत्म हो जाएगी?

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jun 16, 2026 पर 12:18 PM
अमेरिका-ईरान डील का भारत को बंपर फायदा! समंदर में फंसे 34 जहाजों की वापसी का रास्ता साफ, खत्म होगी पेट्रोल-डीजल की टेंशन
होर्मुज को पार करते हुए भारत का पहला मर्चेंट जहाज 'दिशा' सोमवार को सुरक्षित बाहर निकल आया है

Strait of Hormuz India Shipping Update: अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते का असर अब समंदर में दिखने लगा है। अब भारत के लिए मिडिल ईस्ट से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। युद्ध के ऐलान के बाद पिछले लगभग दो महीनों से ठप पड़े दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रूट 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को पार करते हुए भारत का पहला मर्चेंट जहाज 'दिशा' सोमवार को सुरक्षित बाहर निकल आया है।

सरकारी कंपनी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) द्वारा संचालित यह एलएनजी (LNG) टैंकर कतर से भारत के लिए गैस लेकर आ रहा है। 'दिशा' के इस सुरक्षित सफर ने फारस की खाड़ी में फंसे भारत के अन्य 34 जहाजों के लिए भी सुरक्षित वापसी की एक बड़ी उम्मीद जगा दी है। आइए आपको बताते हैं कि भारत के कौन से जहाज वहां फंसे थे और क्या इस डील के बाद देश में पेट्रोल-डीजल, खाद और LPG गैस की किल्लत पूरी तरह खत्म हो जाएगी?

18 जून को भारत पहुंचेगा 'दिशा', 34 अन्य जहाजों को मिला हौसला

शिपिंग मिनिस्ट्री के डायरेक्टर ओपेश कुमार शर्मा ने इस बड़ी कामयाबी की पुष्टि करते हुए बताया, 'एलएनजी कैरियर 'दिशा' अपने साथ 62370 टन LNG कार्गो लेकर आ रहा है'। यह जहाज 18 जून को गुजरात के दाहेज (Dahej) पोर्ट पर एंट्री कर सकता है।

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