केंद्र सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) में भर्ती प्रक्रिया को और आसान और युवाओं के लिए मददगार बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब BSF में कांस्टेबल स्तर की डायरेक्ट भर्ती में 50 प्रतिशत सीटें पूर्व अग्निवीरों (Ex-Agniveers) के लिए आरक्षित होंगी। इससे उन युवाओं को स्थायी और सुरक्षित नौकरी का अवसर मिलेगा जिन्होंने अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी की है। पहले सिर्फ 10 प्रतिशत सीटें पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित थीं, लेकिन नए नियम से ये पांच गुना बढ़कर 50 प्रतिशत हो गई हैं। इसका मतलब है कि भर्ती प्रक्रिया में हर साल कांस्टेबल पदों की आधी सीटें सिर्फ इन अनुभवी युवाओं को दी जाएंगी।
इस बदलाव से ना केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि केंद्रीय सुरक्षा बलों को पहले से प्रशिक्षित, अनुशासित और अनुभवी जवान भी मिलेंगे। ये कदम अग्निपथ योजना को मजबूती देने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आरक्षण बढ़ा, अब 10% से 50% तक
पहले केवल 10 प्रतिशत सीटें पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित थीं, लेकिन नए नियम के अनुसार अब ये बढ़कर 50 प्रतिशत हो गई हैं। इसका मतलब हर भर्ती साल में कांस्टेबल पदों की आधी सीटें सिर्फ उन युवाओं को मिलेंगी जिन्होंने चार साल अग्निवीर के रूप में सेवा पूरी की है।
सामान्य उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 18 से 23 साल है। पूर्व अग्निवीरों के लिए छूट भी तय की गई है, पहले बैच के युवाओं को 5 साल और बाद के बैच को 3 साल तक की छूट मिलेगी। इससे भर्ती प्रक्रिया में उनकी बाधाएं कम होंगी।
फिजिकल टेस्ट में छूट और भर्ती प्रक्रिया
पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) से पूरी तरह राहत दी गई है। भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में होगी, पहले चरण में केवल पूर्व अग्निवीरों की भर्ती होगी और दूसरे चरण में बाकी सीटें SSC के माध्यम से भरी जाएंगी।
अग्निपथ योजना को मिलेगा मजबूती
इस बदलाव से युवाओं को ये भरोसा मिलेगा कि चार साल की सेवा पूरी करने के बाद उनके पास CAPFs और असम राइफल्स में स्थायी नौकरी का विकल्प मौजूद है। केंद्रीय सुरक्षा बलों को पहले से प्रशिक्षित और अनुभवी जवान भी मिलेंगे।