Sarkari Naukri 2026: बिहार सरकार ने खोला नौकरियों का पिटारा! 1 करोड़ युवाओं को नौकरी देने की घोषणा

Sarkari Naukri in Bihar: बिहार के गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने सोमवार (2 फरवरी) को कहा कि नीतीश कुमार सरकार अगले पांच सालों में राज्य में 1 करोड़ नौकरियां और रोज़गार के मौके बनाने के लिए कमिटेड है। बजट सेशन के पहले दिन लेजिस्लेचर के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सरकार इंसाफ के साथ डेवलपमेंट के लक्ष्य की तरफ काम कर रही है

अपडेटेड Feb 02, 2026 पर 7:49 PM
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Sarkari Naukri in Bihar: बिहार सरकार अब तक 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध करा चुकी है

Sarkari Naukri in Bihar: बिहार सरकार ने युवाओं के लिए नौकरियों का पिटारा खोल दिया है। बेरोजगार युवाओं को जल्द ही खुशखबरी मिलने वाली है। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सोमवार (2 फरवरी) को कहा कि नीतीश कुमार सरकार अगले पांच सालों में राज्य में एक करोड़ नौकरियों और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

राज्यपाल ने विधानमंडल के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए बजट सत्र के पहले दिन कहा कि कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार न्याय के साथ विकास के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है।

आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, "सरकार अब तक 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध करा चुकी है। वर्ष 2030 तक एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर मिलेंगे।" सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने विधानसभा चुनावों के अपने घोषणा पत्र में एक करोड़ रोजगार का वादा किया था।


राज्यपाल ने कहा, "कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। कानून-व्यवस्था तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाकर 1.21 लाख कर दी गई है। जबकि थानों की संख्या 10,380 तक पहुंच गई है। बिहार में महिला पुलिस कर्मियों का प्रतिशत देश में सर्वाधिक है।"

उन्होंने कहा कि न्याय के साथ विकास के मंत्र के अनुरूप सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़े महिला स्वयंसेवकों की संख्या 1.40 करोड़ तक पहुंच गई है।

राज्यपाल ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उल्लेख करते हुए कहा, "महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 10,000 रुपये दिए गए हैं। जो महिलाएं इस राशि का सही उपयोग करेंगी। उन्हें प्रत्येक को दो लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी।" खान ने राज्य में किसानों की आय में वर्षों के दौरान हुई वृद्धि का भी जिक्र किया।

उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यभर में स्कूल, कॉलेजों और अस्पतालों की स्थापना की जा रही है। राज्यपाल ने बताया कि वर्तमान में राज्य के 1.14 करोड़ से अधिक लोगों को पेंशन का लाभ मिल रहा है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में की गई बढ़ोतरी से लगभग 1.14 करोड़ लाभार्थियों को सीधा लाभ पहुंचा है।

राज्यपाल ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर कहा कि महिलाओं को पंचायतों, नगर निकायों और सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। इससे निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी मजबूत हुई है। खान ने कहा कि राज्य में लंबे समय तक शिक्षकों की कमी बनी रही लेकिन वर्ष 2023 से पहले शिक्षकों का नियोजन शुरू किया गया।

उन्होंने कहा कि इसके बाद बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से दो लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली की गई। राज्यपाल के अनुसार, वर्तमान में राज्य में शिक्षकों की कुल संख्या 5.24 लाख है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है।

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राज्यपाल ने विश्वास जताया कि शिक्षकों की बढ़ती संख्या से स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। साथ ही छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। इस बीच, अभिभाषण के दौरान विपक्षी विधायकों ने हंगामा करने का भी प्रयास किया।

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