कभी-कभी रिश्तों की सबसे बड़ी सच्चाई किसी भारी-भरकम सलाह में नहीं, बल्कि रोजमर्रा की एक छोटी-सी चीज में छिपी होती है। मोटिवेशनल स्पीकर अंकुर वारिकू ने फोन चार्जर की एक बेहद आसान मिसाल के जरिए ऐसी ही बात समझाने की कोशिश की है। सोचिए, कोई अपना फोन चार्ज करने के लिए आपसे बार-बार चार्जर मांगता है और आप हर बार उसकी मदद करते रहते हैं। धीरे-धीरे उसका फोन 100 प्रतिशत हो जाता है, लेकिन इसी दौरान आपकी अपनी बैटरी खत्म होने लगती है।
