अगर आपके बाल हल्की सी नमी पाते ही फ्रिजी हो जाते हैं या ब्रश देखते ही टूटने लगते हैं। तो इन्हें सच में थोड़ी केयर की जरूरत है। इसके लिए बहुत पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है, न ही सैलून में जाने की जरूरत है। लेकिन यहां बताए जा रहे 5 टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं। ये टिप्स, दरअसल कुछ ऐसे छोटे-छोटे बदलाव हैं, जो बालों के रखरखाव में आपके काम आ सकते हैं। बालों का बेजान दिखना, हल्का होना या रूखा होना कोई जेनेटिक समस्या नहीं है। ये हमारी बालों की जरूरत को नजरअंदाज करने की आदत का नतीजा है। इस पर मौसम, प्रदूषण, लाइफस्टाइल और खानपान की मार, समस्या को और बढ़ देती है। घने और लंबे बालों की चाहत भला किसकी नहीं होती है। लेकिन ये इच्छा सिर्फ सैलून जाकर ढेरों रुपये खर्च करने से तो पूरी नहीं हो सकती है। खैर, ऊपर बताई दिक्कतों के अलावा बालों के रखरखाव का तरीका भी उनकी परेशानी को बढ़ा देता है। जैसे हेयर स्टाइलिंग के डिवाइस की गर्मी, मोटे और खुरदुरे तौलिए, कठोर क्लींजर, और गलत ब्रश बालों की बाहरी परत यानी क्यूटिकल को धीरे-धीरे खराब कर सकते हैं।
सोते समय बाल तकिए से रगड़ खाते हैं। तकिए का कवर अगर कॉटन का है, तो वो बालों की नमी को सोख लेता है। इससे बाल और भी ज्यादा रूखे नजर आते हैं। वहीं, साटन की सतह चिकनी होती है, जिससे कम खिंचाव होता है और बाल कम टूटते हैं। सुबह बालों को सुलझाने में तनाव कम होता है। सिल्क के पिलोकवर से भी बहुत कम घर्षण होता है, जिससे बाल मुलायम और चमकदार रहते हैं।
सल्फेट वाले शैम्पू से बचें
बालों की अच्छी सेहत के लिए उन्हें नियमित साफ करना भी बहुत जरूरी है। इसके लिए जिस भी शैंपू का आप इस्तेमाल करती हों, उसमें सोडियम लॉरिल सल्फेट (SLS) जैसे तेज डिटर्जेंट न हों। ये स्कैल्प के नेचुरल बैरियर के लिए सख्त हो सकते हैं और इससे बाल रूखे, बेजान होने के साथ ही ज्यादा टूटने लगते हैं। इसलिए शैम्पू चुनते समय ऐसा प्रॉडक्ट चुनें, जो हल्के या जेंटल हैं। ऐसा शैंपू चुनें, जिसमें हल्के सर्फेक्टेंट और कम झाग बनाने वाले एजेंट हों।
बहुत से लोगों को लगता है कि पतले बालों पर कंडीशनर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। लेकिन, ऐसा नहीं है। सबसे पतले बालों को भी नमी की जरूरत होती है। ट्राइकोलॉजी (बालों का विज्ञान) के मुताबिक शैंपू के बाद कंडीशनर करने से बालों में घर्षण कम होता है। इससे उन्हें कंघी करते समय कम जोर लगाने की जरूरत पड़ती है। सिलिकॉन (डाइमेथिकोन, एमिनोसिलिकोन) जैसे तत्वों से क्यूटिकल पर हल्की परत आ जाती है, जिससे बाल चिकने, सुलझाने में आसान हो जाते हैं और उनके टूटने की संभावना कम हो जाती है।
गीले बालों के साथ नरमी से पेश आएं
गीले बाल ज्यादा कमजोर होते हैं। ये एक खींची हुई इलास्टिक बैंड की तरह होते हैं, लचीले, लेकिन आसानी से टूटने वाले। गीले बालों पर जोर से ब्रश करने से ये ज्यादा टूटते हैं। नहाने के तुरंत बाद कंघी करने के बजाय, बालों को थोड़ी देर हवा में सूखने दें। जब वे हल्के गीले हों तब उन्हें नरम तौलिए से थपथपाएं या हल्के से निचोड़ें, रगड़ें नहीं। फिर सिरों से शुरू करके छोटे-छोटे हिस्सों में बालों को सुलझाएं।
ब्लो-ड्राइंग और ब्रश के तरीके पर ध्यान दें
कई लोग अपने बालों को हवा में सूखने के लिए छोड़ देते हैं, खासकर मानसून में। लेकिन हवा में मौजूद नमी बालों को फ्रिजी बना सकती है। अपने बालों को पूरी तरह से हवा में सुखाने के बजाय, उन्हें हल्का सूखने दें और फिर ब्लो ड्रायर की ठंडी सेटिंग पर सुखाएं। ठंडी हवा बालों के क्यूटिकल्स को बंद करने में मदद करती है, जिससे वे कम फ्रिजी दिखते हैं। ब्लो ड्रायर को बालों से थोड़ी दूरी पर रखें और लगातार हिलाते रहें। आखिर में मुलायम ब्रिसल्स वाला छोटा ब्रश इस्तेमाल कर सकते हैं। छोटे, मुलायम ब्रश का इस्तेमाल सिर्फ वहीं करें जहां आपको एक्स्ट्रा चमक चाहिए।