तकिए हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा होते हैं, लेकिन अक्सर उनकी सफाई पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। समय के साथ जब तकियों से अजीब सी बदबू आने लगती है, तब जाकर हमें इसका एहसास होता है। ज्यादातर लोग सिर्फ पिलो कवर धोकर समझते हैं कि तकिया साफ हो गया, जबकि असल में गंदगी अंदर ही जमा रहती है। रोज़ का पसीना, बालों का तेल, धूल और हवा में मौजूद जर्म्स धीरे-धीरे तकिए में समा जाते हैं, जिससे उसकी ताजगी खत्म होने लगती है। कई लोगों को यह डर भी रहता है कि तकिए को पानी से धोने पर वह खराब हो सकता है या उसकी शेप बिगड़ जाएगी।
