Tips and Tricks: कटिंग से गुलाब उगाने का देसी तरीका, हर बार मिलेगा 100% रिजल्ट

Tips and Tricks: मानसून पौधों की जड़ों और पत्तियों के विकास के लिए बेहतरीन मौसम है। इस समय गुलाब की नई पौध आसानी से तैयार की जा सकती है। कटिंग विधि अपनाकर आप घर की बालकनी या गार्डन में बिना ज्यादा मेहनत के गुलाब उगा सकते हैं। सही टहनी चुनें, साधारण देखभाल करें और कुछ हफ्तों में नतीजा पाएं

अपडेटेड Aug 17, 2025 पर 9:30 AM
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Tips and Tricks: कटिंग को लगाने के लिए एक छोटा या मध्यम आकार का गमला लें।

मानसून का मौसम बागवानी प्रेमियों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं होता। इस दौरान हवा में मौजूद नमी पौधों की जड़ों और पत्तियों के विकास को तेज कर देती है। यही वजह है कि बरसात का समय नए पौधे तैयार करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। खासकर गुलाब जैसे नाजुक और खूबसूरत पौधे, जिन्हें आमतौर पर उगाना थोड़ा मुश्किल माना जाता है, मानसून में आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। अगर आपके घर के गार्डन या बालकनी में रंग-बिरंगे गुलाब खिलाने का सपना है, तो यह मौका बिल्कुल हाथ से न जाने दें।

कटिंग विधि अपनाकर आप बिना ज्यादा मेहनत और खर्च के अपने पसंदीदा गुलाब का नया पौधा तैयार कर सकते हैं। बस सही टहनी चुनने से लेकर उसकी देखभाल तक कुछ साधारण बातों का ध्यान रखना होगा, और कुछ ही हफ्तों में आपको अपनी मेहनत का रंगीन नतीजा दिखने लगेगा।

सही टहनी कैसे चुनें?


सबसे पहले एक स्वस्थ और मजबूत गुलाब के पौधे की टहनी चुनें। लगभग 6 से 9 इंच लंबी टहनी लें, जिसमें कम से कम 3-4 गांठें (nodes) जरूर हों। इस टहनी को तिरछा काटें और नीचे की पत्तियों को हटा दें। तिरछा कट लगाने से जड़ें जल्दी और ज्यादा निकलती हैं।

जड़ें जल्दी बनाने का आसान तरीका

कटिंग को रोपने से पहले उसकी जड़ बनने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए रूटिंग हॉर्मोन पाउडर का इस्तेमाल करें। टहनी के निचले हिस्से को इस पाउडर में डुबोएं। अगर आपके पास ये पाउडर नहीं है, तो दालचीनी पाउडर या शहद का उपयोग करें। ये प्राकृतिक एंटी-फंगल गुणों वाले होते हैं, जो टहनी को सड़ने से बचाते हैं।

गमले और मिट्टी का सही चुनाव

कटिंग को लगाने के लिए एक छोटा या मध्यम आकार का गमला लें। मिट्टी तैयार करते समय रेत, वर्मी कम्पोस्ट और सामान्य मिट्टी को बराबर मात्रा में मिलाएं। ये मिश्रण पानी को गमले में रुकने नहीं देता और जड़ों को पर्याप्त हवा पहुंचाता है। गमले के बीच में कटिंग को लगाएं और मिट्टी को हल्के हाथ से दबाएं।

रोशनी और पानी का ध्यान

कटिंग को रोपने के बाद गमले को सीधी धूप में न रखें। ऐसी जगह रखें जहां सुबह की हल्की धूप मिले या पूरे दिन छनकर रोशनी आती हो। बरसात में पौधों को ज्यादा पानी देने की जरूरत नहीं होती। इसलिए मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर ही पानी दें। अगर ज्यादा पानी दे दिया तो कटिंग सड़ सकती है। ध्यान रहे, कटिंग को बार-बार हिलाएं नहीं।

नई पत्तियां आने पर क्या करें?

लगभग 3 से 4 हफ्तों में टहनी पर नई पत्तियां आने लगेंगी। ये संकेत है कि कटिंग में जड़ें विकसित हो चुकी हैं। जब पौधा थोड़ा और बड़ा हो जाए और उस पर और पत्तियां आ जाएं, तब इसे बड़े गमले या बगीचे में शिफ्ट कर दें।

पौधे की सही देखभाल कैसे करें?

गुलाब के पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए समय-समय पर वर्मी कम्पोस्ट डालते रहें। कीड़ों से बचाने के लिए नीम तेल का छिड़काव करें। इससे पौधा हरा-भरा रहेगा और जल्दी फूल खिलाएगा।

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