अक्सर जब हम घर में पूड़ी या पकौड़े तलते हैं, तो कड़ाही में बचा हुआ तेल यूं ही फेंक देते हैं। बहुत से लोग मानते हैं कि दोबारा इस्तेमाल किया गया तेल सेहत के लिए नुकसानदायक होता है, जबकि सच यह है कि अगर तेल को सही तरीके से संभाल लिया जाए, तो ये न केवल सुरक्षित रहता है बल्कि काफी काम का भी साबित होता है। घर की छोटी-छोटी सावधानियां न केवल तेल की गुणवत्ता बनाए रख सकती हैं, बल्कि आपकी जेब पर भी बोझ कम कर सकती हैं।
इसीलिए, इसे बेकार समझकर फेंकने के बजाय अगर आप कुछ आसान घरेलू टिप्स अपनाएं, तो यही बचा हुआ तेल आपकी कुकिंग का साथी बन सकता है। सही ढंग से स्टोर और रियूज करने पर तेल का स्वाद, सुगंध और पोषण तीनों सुरक्षित रहते हैं। बस जरूरत है थोड़ी समझदारी और सही जानकारी की।
तेल ठंडा होने दें और छानें
तली हुई पूड़ी, पकौड़े या किसी भी डिश के बाद तेल को तुरंत इस्तेमाल या छानना नुकसानदेह हो सकता है। सबसे पहले तेल को पूरी तरह ठंडा होने दें। फिर बारीक छलनी या मलमल के कपड़े से छानें। इससे जले हुए टुकड़े या आटा हट जाता है, जो दोबारा गरम करने पर सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
सही तरीके से स्टोर करना जरूरी
तेल को हमेशा एयरटाइट स्टील या ग्लास कंटेनर में रखें। प्लास्टिक में स्टोर करने से रासायनिक प्रतिक्रिया हो सकती है। कंटेनर को ठंडी और अंधेरी जगह पर रखें, सीधे धूप या गैस के पास नहीं। अलग-अलग तेलों को अलग-अलग कंटेनर में रखें, जैसे सरसों का तेल सरसों के साथ और रिफाइंड तेल रिफाइंड के साथ।
रियूज करने का सुरक्षित तरीका
तेल को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले उसकी गंध जरूर चेक करें। अगर उसमें जली या खट्टी गंध है, तो तुरंत फेंक दें। ताजा और साफ तेल आप सब्ज़ी, पराठे या हल्की तली चीजों में इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान रखें कि एक ही तेल को दो बार से ज्यादा गरम न करें, क्योंकि इससे ट्रांस फैट बढ़ जाता है।
बचा हुआ तेल रोजमर्रा की कुकिंग में, जैसे तड़का या हल्की फ्राई में इस्तेमाल कर सकते हैं। डीप फ्राई के लिए दोबारा तेल का इस्तेमाल न करें। अगर तेल बहुत गंदा हो जाए, तो इसे गमलों की मिट्टी में मिला दें; ये कीड़े-मकोड़े भी दूर रखता है।
सही तरीके से स्टोर और रियूज किया हुआ तेल न केवल टिकाऊ होता है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद रहता है। अगली बार जब कड़ाही में बचा तेल दिखाई दे, तो इसे समझदारी से संभालें और अपनी किचन की बचत भी बढ़ाएं।