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Hibiscus Care: मानसून में मुरझा जाएगा गुड़हल? ये 7 देसी टिप्स फूलों की बहार ला देंगे!

Hibiscus Care in Monsoon: मानसून में पौधों की देखभाल थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो जाती है, खासकर गुड़हल जैसे नाजुक फूलों वाले पौधों की। अगर समय रहते सही कदम न उठाए जाएं, तो ज्यादा नमी, फंगस और कीट इनकी सेहत बिगाड़ सकते हैं। कुछ आसान देसी टिप्स अपनाकर आप गुड़हल को स्वस्थ और फूलों से भरपूर रख सकते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 02, 2025 पर 9:43 AM
Hibiscus Care: मानसून में मुरझा जाएगा गुड़हल? ये 7 देसी टिप्स फूलों की बहार ला देंगे!
Hibiscus Care in Monsoon: मानसून में समय-समय पर मिट्टी को हल्का फुलका करें ताकि हवा और पानी का बहाव बना रहे

मानसून का मौसम बागवानी प्रेमियों के लिए खुशी तो लाता है, लेकिन साथ ही पौधों की देखभाल में कुछ चुनौतियां भी खड़ी करता है। खासतौर पर हिबिस्कस (गुड़हल) का पौधा, जो अपनी खूबसूरती और रंग-बिरंगे फूलों के लिए जाना जाता है, इस मौसम में थोड़ी अतिरिक्त देखभाल की मांग करता है। बारिश के समय ज्यादा नमी, जलभराव, कीट और फंगल इंफेक्शन जैसे मुद्दे हिबिस्कस की सेहत पर असर डाल सकते हैं। अगर समय रहते कुछ आसान लेकिन जरूरी उपाय अपनाए जाएं, तो ये पौधा मानसून के दौरान भी हरा-भरा और फूलों से भरपूर रह सकता है।

आज हम आपके लिए लेकर आए हैं कुछ ऐसे असरदार और प्राकृतिक टिप्स जो मानसून में हिबिस्कस की देखभाल को आसान बना देंगे। इन देसी उपायों की मदद से आप अपने गार्डन को सिर्फ हरा ही नहीं, बल्कि रंगों से भरपूर बना सकते हैं।

  • ज्यादा नमी से बचाना है सबसे जरूरी
  • मानसून के दौरान मिट्टी में अधिक समय तक नमी रहने से हिबिस्कस की जड़ें सड़ सकती हैं। इसलिए सबसे जरूरी है कि पौधे के गमले या जमीन में जल निकासी (ड्रेनेज) का सही प्रबंध हो। अतिरिक्त पानी रुकने न दें और मिट्टी को समय-समय पर ढीला करते रहें।

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