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Assembly Election 2023: 5 राज्यों में कब होंगे चुनाव? चुनाव आयोग आज करेगा तारीखों का ऐलान

Assembly Election 2023: देश में इस साल मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं। साल 2024 लोकसभा चुनाव से पहले इन्हें काफी अहम चुनाव माना जा रहा है। नवंबर दूसरे हफ्ते से दिसंबर के पहले हफ्ते तक अलग-अलग तारीखों और चरणों में इन राज्यों में मतदान हो सकता है

Edited By: Jitendra Singhअपडेटेड Oct 09, 2023 पर 9:09 AM
Assembly Election 2023: 5 राज्यों में कब होंगे चुनाव? चुनाव आयोग आज करेगा तारीखों का ऐलान
Assembly Election 2023 : चुनाव आयोग ने आज दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेस बुलाई है। जिसमें तारीखों का ऐलान किया जा सकता है।

Assembly Election 2023: चुनाव आयोग आज सोमवार को पांच राज्यों- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम के विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है। इस मामले में आयोग ने आज दोपहर 12 बजे राजधानी दिल्ली स्थित आकाशवाणी भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। जिसके बाद इन सभी राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त समेत चुनाव आयोग के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहने वाले हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नवंबर दूसरे हफ्ते से दिसंबर के पहले हफ्ते तक अलग-अलग तारीखों और चरणों में इन राज्यों में मतदान हो सकते हैं।

पिछली बार की तरह राजस्थान, मध्य प्रदेश, मिजोरम और तेलंगाना में एक चरण में चुनाव कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान कराया जा सकता है। हालांकि, वोटिंग की तारीख अलग-अलग हो सकती है। लेकिन सभी चुनावी राज्यों की वोटों की गिनती एक साथ कराई जा सकती है।

किस राज्य की विधानसभा का कार्यकाल कब खत्म हो रहा?

40 सदस्यों वाली मिजोरम विधानसभा का कार्यकाल दिसंबर में खत्म हो रहा है। 90 सदस्यों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा का कार्यकाल जनवरी में खत्म हो जाएगा। 230 सदस्यों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा, 200 सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा और 119 सदस्यों वाली तेलंगाना विधानसभा का कार्यकाल भी जनवरी में ही खत्म हो रहा है। चुनाव आयोग पिछले दो महीनों से लगातार इन पांचों की राज्यों का दौरा कर रहा था, ताकि चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया जा सके। मिजोरम में पिछला विधानसभा चुनाव नवंबर 2018 में हुआ था। जिसमें मिजो नेशनल फ्रंट ने जीत हासिल की थी। राज्य में सरकार बनाई थी। तब जोरमथांगा मुख्यमंत्री बने थे।

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