Maharashtra Election Results: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जब 10 नवंबर को मुंबई में बीजेपी का घोषणा पत्र लॉन्च किया, तो इस मौके पर पार्टी के दो वरिष्ठ नेता मंच पर नहीं थे। इसकी जगह ये दोनों नेता दर्शक दीर्घा में आम कार्यकर्ताओं के साथ बैठे थे। ये दोनों कोई छोटे नेता नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली एनडीए सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं। यह बताता है कि ये दोनों नेता शोर-शराब से दूर पर्दे के पीछे रहकर अपना काम करना बखूबी जानते हैं। आज जब बीजेपी की अगुआई वाली महायुति महाराष्ट्र में ऐतिहासिक जीत के करीब है, तो इसमें इन दोनों नेताओं का अहम योगदान हैं। ये दोनों नेता हैं भूपेंद्र यादव और अश्विनी वैष्णव।
भूपेंद्र यादव पहले भी बीजेपी संगठन में कई अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं और उन्हें अमित शाह का भरोसेमंद बताया जाता है। चुनावी रणनीतिकार बनाने के मामले में वह पुराने खिलाड़ी रहे हैं। इसे आप इससे समझ सकते हैं कि ये गुजरात विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी के इंचार्ज रह चुके हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में भी बीजेपी को जीत दिलाई है।
महाराष्ट्र चुनाव के लिए भी बीजेपी हाईकमान ने उन्हें प्रभारी नियुक्त किया था। वहीं अश्विनी वैष्णव को सह-प्रभारी बनाया गया था। भूपेंद्र यादव को कम बोलने और पर्दे के पीछे रहकर काम करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने अश्विनी वैष्णव के साथ हफ्तों तक मुंबई में डेरा डाले रखा और असंतुष्टों को साथ लाने, उन्हें मनाने और पार्टियों की रणनितियों को जमीनी स्तर पर लागू करने में लगे रहे। बीजेपी ने उन्हें जून में राज्य का प्रभारी बनाया, जब लोकसभा चुनावों में हार के बाद कोई भी महाराष्ट्र में BJP के वापसी की संभावना नहीं जता रहा था।
भूपेंद्र यादव और अश्विनी वैष्णव की जोड़ी इससे पहले मध्य-प्रदेश में भी हिट रही थी, जहां उन्होंने पार्टी को अपनी अब तब की सबसे बड़ी जीत दिलाई थी। मध्य प्रदेश का जिम्मा भी उन्हें तब सौंपा गया था, जब करीब दो दशक तक शासन करने के बाद पार्टी की स्थिति खराब होती दिख रही थी। मध्य प्रदेश में भी चुनाव प्रचार की शुरुआत में कई लोगों ने भाजपा को 60 से ज्यादा सीटें नहीं दी थीं। लेकिन अंत में भाजपा ने विधानसभा की कुल 230 सीटों में से 163 सीटों के साथ बड़ा बहुमत हासिल किया।
इसलिए यही टीम महाराष्ट्र की प्रभारी बनी, जहां एनडीए को लोकसभा में हार का सामना करना पड़ा था। महाराष्ट्र में नतीजे मध्य प्रदेश की जीत का ही दोहराव कहे जा सकते हैं। महाराष्ट्र में बीजेपी की अगुआई वाला महायुति गठबंधन 288 में से 230 सीटें जीतता दिख रहा है, जो एक ऐतिहासिक जीत है।