MP Election 2023: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की पहली लिस्ट (First list of Madhya Pradesh Congress) कभी भी जारी हो सकती है। कांग्रेस की पहली लिस्ट का सभी को बेसब्री से इंतजार है। सूत्रों की मानें तो 7 अक्टूबर की शाम हुई कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में 103 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लग गई है। सूत्रों ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ अपनी पारंपरिक सीट छिंदवाड़ा से ही चुनाव लड़ेंगे। खबरों की मानें तो कांग्रेस अपनी पहली लिस्ट पितृ पक्ष के बाद जारी कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस की पहली लिस्ट में ज्यादातर वो उम्मीदवार हैं जो मौजूदा समय में विधायक हैं।
दरअसल, मध्य प्रदेश में इस साल के आखिरी में होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की लिस्ट जारी होने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस लिस्ट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। शनिवार शाम दिल्ली में पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के घर कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई, जिसमें करीब 140 नामों पर विचार किया गया। बताया जा रहा है कि इनमें से करीब 103 उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लग गई है।
कयास लगाए जा रहे हैं कांग्रेस अब कभी भी अपनी पहली लिस्ट जारी कर सकती है। खबरों की मानें तो पितृ पक्ष के चलते कांग्रेस अभी अपनी पहली लिस्ट जारी नहीं कर रही है। पितृ पक्ष के बाद उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। कांग्रेस ने हर विधानसभा सीट पर कई स्तर पर सर्वे कराया है। सीएम उम्मीदवार और प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ साफ कर चुके हैं कि इस बार किसी की सिफारिश पर टिकट नहीं मिलेगा। टिकट केवल जीतने वाले प्रत्याशियों को ही दिया जाएगा।
BJP अब तक उम्मीदवारों की तीन लिस्ट जारी कर चुकी है, जिनमें कुल 79 कैंडिडेट के नाम शामिल हैं। भगवा पार्टी की इस लिस्ट की खास बात ये है कि इस बार बीजेपी ने तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 लोकसभा सांसदों को भी विधानसभा चुनाव का टिकट दिया है। ऐसी खबरें भी हैं कि अगली लिस्ट में कुछ और सांसदों के नाम हो सकते हैं जो विधानसभा का चुनाव लड़ते हुए दिख जाएंगे। हाल ही में जब कमलनाथ से पत्रकारों ने सवाल पूछा कि कांग्रेस कब पहली लिस्ट जारी करने वाली है? इस पर पूर्व सीएम ने कहा था कि अभी कुछ समय कांग्रेस ये लिस्ट जारी नहीं करेगी।
चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस
कांग्रेस ने शुक्रवार को चुनाव आयोग के समक्ष मध्य प्रदेश की मतदाता सूची में विसंगतियों का मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले साफ-सुथरी मतदाता सूची सुनिश्चित करने का आग्रह किया। चुनाव आयोग द्वारा कांग्रेस नेताओं को बताया गया कि साफ-सुथरी मतदाता सूची के लिए उसने पहले ही 11 लाख फर्जी नाम हटा दिए हैं। कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में मतदाता सूची में नामों का दोहराव दिखाने वाले रिकॉर्ड की कॉपी पेश कीं। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को 43 जिलों से संबंधित आंकड़े पेश किए।