MP Assembly Election: मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा सीट को काफी हाई प्रोफाइल माना जाता है। साल 2008 के बाद से इस सीट को BJP के फायरब्रांड नेता नरोत्तम मिश्रा का गढ़ कहा जाता है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को मैदान में उतारा है। वहीं उनके सामने कांग्रेस ने अवधेश नायक पर अपना दांव खेला है। कांग्रेस ने कई सीटों पर बीजेपी के बागियों पर दांव खेला है। कांग्रेस ने आज 15 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के लिए 144 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इसमें राज्य के पूर्व सीएम कमलनाथ जैसे कई दिग्गजों के नाम शामिल हैं।
नायक हाल ही में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व सीएम कमलनाथ की मौजूदगी में भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए थे। इस दौरान नायक अपने समर्थकों के साथ और शक्ति प्रदर्शन करने के लिए भोपाल गए थे। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अभी ज्यादा प्रत्याशियों के नाम का ऐलान नहीं किया है।
क्या अवधेश नायक कर पाएंगे करिश्मा?
अवधेश नायक साल 2003 में बीजेपी के टिकट से चुनाव लड़े थे। लेकिन उन्हें कुछ वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। दरअसल, अवधेश नायक को पूर्व सीएम उमा भारती का बेहद करीबी माना जाता है। लिहाजा वो उमा भारती के साथ भारतीय जनशक्ति पार्टी में भी चले गए। साल 2008 में फिर नायक चुनाव लडे। लेकिन इस बार भी हार का सामना करना पड़ा। साल 2009 में लोकसभा चुनाव के दौरान नायक फिर से भाजपा में वापस आ गए। लेकिन कुछ सालों के बाद मौजूदा विधायक की ओर से उन्हें कुछ खास तवज्जो नहीं मिली। अब जब नायक कांग्रेस के टिकट पर दतिया से मिश्रा के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे, तो उन्हें निर्वाचन क्षेत्र में हजारों ब्राह्मण वोटों को अपने पाले में करने की उम्मीद है। नायक को दतिया में गेम चेंजर माना जा रहा है। इसकी वजह ये है कि वहां मिश्रा के खिलाफ भारी सत्ता विरोधी लहर है।
सीएम की रेस में नरोत्तम मिश्रा
साल 2008 में नरोत्तम मिश्रा पहली बार दतिया सीट से चुनाव लड़े। तब से वे विधायक हैं। इससे पहले वह डबरा से विधायक थे। वह हर बार नए चुनाव के साथ आगे बढ़े और अब मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के चेहरों में से एक हैं। यह चौथी बार है जब मिश्रा इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनावों में मिश्रा ने कुछ वोटों से ही जीत हासिल की थी।