महाराष्ट्र चुनाव 2024: उद्धव ठाकरे को लगा बड़ा झटका! 40 साल पुराने इस नेता ने छोड़ा साथ, कहा- पार्टी में चल रही गंदी राजनीति

Maharashtra Vidhan Sabha Chunav 2024 कल्याण पश्चिम विधानसभा में शिवसेना ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा है। कल्याण में ठाकरे गुट के उपनेता विजय उर्फ ​​बंद्या साल्वी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बंद्या साल्वी ने शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव बालासाहेब ठाकरे को एक पत्र भेजा है। उस पत्र में उन्होंने इस्तीफा देने के फैसले की घोषणा की है

अपडेटेड Nov 12, 2024 पर 1:42 PM
महाराष्ट्र चुनाव 2024: उद्धव ठाकरे को लगा बड़ा झटका! 40 साल पुराने इस नेता ने छोड़ा साथ

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अब आठ दिन बचे हैं। इसलिए प्रदेश भर में बड़े नेताओं की प्रचार सभाएं हो रही हैं। दिन-रात प्रचार किया जा रहा है। शिवसेना UBT नेता उद्धव ठाकरे पूरे राज्य में दौरा कर रहे हैं, लेकिन कल्याण से उन्हें बहुत बड़ा धक्का लगा है। कल्याण पश्चिम विधानसभा में शिवसेना ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा है। कल्याण में ठाकरे गुट के उपनेता विजय उर्फ ​​बंद्या साल्वी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बंद्या साल्वी ने शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव बालासाहेब ठाकरे को एक पत्र भेजा है। उस पत्र में उन्होंने इस्तीफा देने के फैसले की घोषणा की है।

बंद्या साल्वी ने कहा है कि वह पार्टी में चल रही गंदी राजनीति के कारण इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि कल्याण पश्चिम विधानसभा में सचिन बसरे को टिकट देते समय उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया। चुनाव की गहमागहमी के बीच विजय साल्वी के इस्तीफे से उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है।

पत्र से मचा बवाल


विजय साल्वी ने उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में कहा है कि वह पार्टी के प्रति वफादार रहे। इसके बाद अपने मुझे जिला प्रमुख और उप प्रमुख का पद भी दिया गया, लेकिन उन्होंने बिना किसी कारण अचानक उनसे जिला प्रमुख पद वापस ले लिया।

साथ ही पार्टी संगठन में पद देते समय भी उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया। कल्याण पश्चिम से सचिन बसरे को उम्मीदवार बनाते समय शिवसेना नेता विनायक राऊत ने उनसे झूठ बोला। साल्वी ने पत्र में कहा है कि वह इन सभी अपमानों से दुखी हैं।

40 साल से शिवसेना का वफादार हूं...

साल्वी ने कहा कि शिव सेना में विद्रोह के बाद उन्हें एकनाथ शिंदे से जुड़ने का लालच दिया गया। इसके बाद उन पर दबाव डाला गया और पुलिस बल का भी प्रयोग किया गया। उन्हें बर्खास्तगी का नोटिस तक दिया गया। इसके बाद भी उन्होंने उद्धव ठाकरे का साथ नहीं छोड़ा। वह पिछले 40 साल से शिवसेना में हैं।

40 साल की पार्टी सेवा के बाद, उन्होंने स्थानीय राजनीति के कारण पार्टी छोड़ने का फैसला किया। इससे हड़कंप मच गया है। उनके इस्तीफे को ठाकरे गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

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