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राजस्थान में ED की कार्रवाई के पीछे इस बीजेपी नेता की रही है अहम भूमिका, राज्य सरकार के तीन मंत्री भी निशाने पर

राजस्थान में हाल में हुई ED की कार्रवाई में राजस्थान बीजेपी के नेता और सांसद किरोड़ी लाल मीणा की अहम भूमिका मानी जा रही है। वह सवाई माधोपुर से विधानसभा का चुनाव भी लड़ रहे हैं। 71 साल के मीणा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं, जो फेसबुक लाइव (Facebook live) के जरिये भी जनता से संवाद करते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 06, 2023 पर 2:55 PM
राजस्थान में ED की कार्रवाई के पीछे इस बीजेपी नेता की रही है अहम भूमिका, राज्य सरकार के तीन मंत्री भी निशाने पर
बीजेपी नेता किरोड़ी लाल मीणा का कहना है कि बीजेपी जबरदस्त जीत के साथ राजस्थान में सत्ता में आ रही है और इसकी मुख्य वजह राज्य में कांग्रेस का भ्रष्टाचार है।

राजस्थान में हाल में हुई ED की कार्रवाई में राजस्थान बीजेपी के नेता और सांसद किरोड़ी लाल मीणा की अहम भूमिका मानी जा रही है। वह सवाई माधोपुर से विधानसभा का चुनाव भी लड़ रहे हैं। 71 साल के मीणा नए दौर के उन नेताओं में शामिल नहीं है, जो फेसबुक लाइव (Facebook live) के जरिये जनता से संवाद करना पसंद करते हैं। उनका जनता से सीधा संवाद होता है। मीणा राजस्थान की सरकार के लिए 'सिरदर्द' बन गए हैं।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग संबंधी शिकायत करने से लेकर 20,000 करोड़ के कथित घोटाले की सूचना एंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट को देने तक, मीणा राज्य की कांग्रेस सरकार के लिए चुनौती बन गए हैं।

दोनों मामलों में अशोक गहलोते के बेटे को ED के सामने पेश होने की नौबत आ गई, जबकि जांच एजेंसी ने बीते 3 नवंबर को राजस्तान में 25 जगहों पर छापेमारी की। राजस्थान का यह बुजुर्ग नेता राजस्थान बीजेपी के कई युवा नेताओं से ज्यादा आक्रामक तरीके से काम कर रहा है। News18 से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि वह हमेशा से भ्रष्टाचार के खिलाफ रहे हैं। उनका कहना था कि जब वह पहली बार विधायक बने थे, तो उन्हें इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा था, लेकिन इससे उनका हौसला कमजोर नहीं हुआ।

यह पूछे जाने पर वह चुनावी साल में ही इन मामलों को लेकर क्यों सक्रिय हैं, मीणा ने कहा कि उन्होंने डेढ़ साल पहले पेपर लीक का मुद्दा उठाया था। हालांकि, जल जीवन मिशन का मामला चार महीने पुराना है। मीणा ने कहा कि ED किसी मामले में सिर्फ एक शिकायत को लेकर सक्रिय नहीं होता है। इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं गई थी। मीणा ने बताया कि जब उन्हें यह पता चला कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दो फर्मों को 900 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, तो वह इसके खिलाफ तीन दिन धरने पर बैठे। उनके मुताबिक, जहां तक जल जीवन मिशन का सवाल है, तो इसमें 20,000 करोड़ का भ्रष्टाचार था।

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