Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने गुरुवार को कहा कि वह मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहते हैं, लेकिन यह पद उन्हें छोड़ नहीं रहा है और शायद छोड़ेगा भी नहीं। इसके साथ ही हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अलाकमान का फैसला जो भी होगा वह सबको स्वीकार होगा। गहलोत ने पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के साथ मतभेदों की पृष्ठभूमि में कहा कि उन्होंने 'भूलो और माफ करो' की नीति पर अमल किया है। सीएम ने कहा कि एक बार एक महिला ने मुझसे कहा था कि भगवान की इच्छा है कि आप चौथी बार मुख्यमंत्री बनें। मैंने उनसे कहा कि मैं मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहता हूं, लेकिन यह पद मुझे नहीं छोड़ रहा है।
गहलोत ने राज्य में चुनाव से ठीक एक महीने पहले कांग्रेस खेमे के भीतर कथित अंदरूनी कलह पर अपनी चुप्पी तोड़ी। सचिन पायलट के साथ सत्ता संघर्ष पर राजस्थान के सीएम और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, "हम सब एकजुट हैं। मैंने किसी भी एक उम्मीदवार (पायलट पक्ष के) का विरोध नहीं किया है।"
यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस की जीत के बाद वह चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगे, तो गहलोत ने कहा, "मैंने पहले भी कहा था...मैं मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहता हूं लेकिन यह पद मुझे छोड़ नहीं रहा है...शायद छोड़ेगा भी नहीं।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस अलाकामन का जो भी फैसला होगा वह सबको स्वीकार होगा।
टिकटों के बंटवारे के संदर्भ में गहलोत ने कहा कि जीत की संभावना ही उम्मीदवारी का मुख्य आधार होगा। गहलोत ने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष को अपना शत्रु समझते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह भी किया कि वह देश में सामाजिक सुरक्षा का कानून बनाएं।
उन्होंने विपक्षी नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग की छापेमारी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे तुरंत रोकने के लिए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की, क्योंकि आदर्श आचार संहिता लागू है। उन्होंने चुनाव आयोग से भी हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, ''देश में क्या हो रहा है?...किसी भी पार्टी की सरकार हो, जिस तरह से न्यायपालिका पर दबाव बनाया जा रहा है, ED, इनकम टैक्स और CBI का दुरुपयोग किया जा रहा है, लोकतंत्र में यह तरीका उचित नहीं कहा जा सकता। आचार संहिता घोषित होने के बाद भी आप विपक्षी दलों पर छापेमारी करवा रहे हैं...''
यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस के टिकट देने पर पार्टी के भीतर कोई मतभेद है? उन्होंने कहा कि कोई मतभेद नहीं है और सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। बता दें कि राजस्थान में 25 नवंबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी।