Rajasthan Election 2023: क्या वसुंधरा राजे की हो रही अनदेखी! राजस्थान में कौन होगा सीएम चेहरा? राज्यवर्धन राठौड़ ने दिया जवाब

Rajasthan Election 2023: राजस्थान चुनाव में 7 मौजूदा सांसदों को उम्मीदवार बनाने के BJP के 'साहसिक' कदम ने पार्टी के कई नेताओं को नाराज कर दिया है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कुछ वफादार नेता भी शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा राजस्थान चुनाव के लिए 41 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट की घोषणा के बाद टिकट नहीं मिलने से निराश कुछ नेताओं या उनके समर्थकों ने मंगलवार को पार्टी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया

अपडेटेड Oct 12, 2023 पर 11:32 AM
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Rajasthan Election 2023: वसुंधरा राजे के कुछ वफादारों को टिकट देने से इनकार कर दिया गया है

Rajasthan Election 2023: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जयपुर (ग्रामीण) से सांसद और अब झोटवाड़ा विधानसभा सीट से राजस्थान विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (Rajyavardhan Singh Rathore) ने न्यूज18 को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने राज्य में चेहरा बनने के लिए पांच साल तक लड़ाई की और शासन के बारे में भूल गए। उन्होंने कहा कि बीजेपी का चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके काम करने का तरीका है। जयपुर से News18 से बात करते हुए राठौड़ ने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया (Vasundhara Raje Scindia) उस बैठक में मौजूद थे, जिसमें उन्हें और 6 अन्य सांसदों को टिकट देने का फैसला किया गया।

राठौड़ ने उन्हें दरकिनार किए जाने की खबरों को खारिज करते हुए कहा, "वह दूसरों के साथ मिलकर नाम तय करती हैं, वह रणनीति का हिस्सा हैं।" उन्होंने कहा कि गहलोत "डरे हुए" हैं और इसलिए उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी ने सांसदों को क्यों मैदान में उतारा है। राठौड़ ने News18 से कहा, ''हमें इस बात की भी परवाह नहीं है कि कांग्रेस से कौन खड़ा है।'' बता दें कि वसुंधरा राजे के कुछ वफादारों को टिकट देने से इनकार कर दिया गया है।

पार्टी के कई नेता नाराज


राजस्थान चुनाव में 7 मौजूदा सांसदों को उम्मीदवार बनाने के BJP के 'साहसिक' कदम ने पार्टी के कई नेताओं को नाराज कर दिया है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कुछ वफादार नेता भी शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा राजस्थान चुनाव के लिए 41 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट की घोषणा के बाद टिकट नहीं मिलने से निराश कुछ नेताओं या उनके समर्थकों ने मंगलवार को पार्टी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

नाराज नेताओं ने जयपुर में मुख्यालय में प्रदर्शन किया। इसके अलावा जिन 41 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए सोमवार को पार्टी ने अपने उम्मीदावारों की घोषणा थी, उनमें से भी कुछ क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किया गया। BJP ने राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए अपने 41 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट सोमवार को जारी की, जिसमें 7 मौजूदा सांसदों के नाम भी हैं। इनमें से 6 लोकसभा के, जबकि 1 राज्यसभा का सदस्य है। हालांकि, पहली लिस्ट में वसुंधरा राजे का नाम नहीं है। इतना ही नहीं राजे के वफादार राजपाल सिंह शेखावत और नरपत सिंह राजवी भी लिस्ट से बाहर हो गए हैं।

राठौड़ के खिलाफ प्रदर्शन

झोटवाड़ा निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व बीजेपी विधायक राजपाल सिंह शेखावत के समर्थकों ने इस सीट से राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की उम्मीदवारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया गया। शेखावत के समर्थकों ने निर्वाचन क्षेत्र को बचाने के लिए "पैराशूट" उम्मीदवार को हटाने की मांग करते हुए नारे लगाए। विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पूर्व मंत्री शेखावत को सुंधरा राजे का करीबी माना जाता है। टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने मंगलवार देर रात उनसे मुलाकात की थी। शेखावत ने राजे से मुलाकात के बाद कहा कि 41 उम्मीदवारों की लिस्ट में 10 बागी हैं।

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नाराजगी और प्रदर्शन की खबरों पर राठौड़ ने News18 से कहा, "विरोध इसलिए नहीं है क्योंकि एक सांसद राज्य में आया है। लोगों की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं होती हैं और अचानक आप इस तथ्य से हैरान हो जाते हैं कि आपको अपनी योजना को ठंडे बस्ते में डालना होगा। लोग परेशान होंगे, यह सामान्य बात है लेकिन एक-दो दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे। अगर वह व्यक्ति हमारी मां यानी बीजेपी की पीठ में छुरा घोंपने जा रहा है, तो उस व्यक्ति की मंशा पर सवाल उठाया जाना चाहिए।"

नाराजगी दूर करने के लिए समिति का गठन

BJP सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि कुछ नेताओं की नाराजगी को देखते हुए भगवा पार्टी ने इस मामले की जांच के लिए केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय समिति का गठन किया है। राजस्थान बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी और पार्टी नेता ओंकार सिंह लखावत ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से बात की।

मतदान की तारीख में बदलाव

चुनाव आयोग ने बड़े पैमाने पर शादियों और सामाजिक कार्यक्रमों का हवाला देते हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख को बुधवार को 23 नवंबर से बदलकर 25 नवंबर कर दिया। एक बयान में चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान की तारीख में बदलाव के लिए विभिन्न दलों और सामाजिक संगठनों ने आग्रह किया था।

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