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Rajasthan Election 2023 : क्या चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जा सकते हैं अशोक गहलोत?

चौथी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी तक रास्ता बनाने के लिए गहलोत हर मुमकिन कोशिश करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, इस बार इस रास्ते में खुद कांग्रेस नेतृत्व बाधा बन सकती है। दशकों तक गहलोत की छवि ऐसे नेता की रही है, जो गांधी परिवार के बताए रास्ते पर चलता है। गहलोत भी खुद को गांधी परिवार का सबसे बड़ा वफादार मानते रहे हैं। लेकिन, पिछले पांच साल के कार्यकाल ने गहलोत में बड़ा बदलाव ला दिया है

Translated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Oct 30, 2023 पर 2:28 PM
Rajasthan Election 2023 : क्या चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जा सकते हैं अशोक गहलोत?
इस बार के विधानसभा चुनावों के लिए गहलोत ने खुद के लिए एक मिशन तय किया है, जिसका नाम है-Mission-156। इसके तहत वह कांग्रेस के लिए इस बार सबसे ज्यादा सीटे जीतना चाहते हैं।

राजन महान

अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) का पांच साल का यह कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। यह बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहा। इस दौरान उनका दूसरा ही रूप देखने को मिला। आम तौर पर विनम्र और शांत माने जाने वाले गहलोत का उग्र रूप इस बार कई बार देखने को मिला। इस कार्यकाल के ज्यादातर हिस्से में उन्हें कांग्रेस के अंदर और कांग्रेस के बाहर अपने विरोधियों से निपटना पड़ा। चौथी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी तक रास्ता बनाने के लिए गहलोत हर मुमकिन कोशिश करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, इस बार सीएम की कुर्सी का रास्ता गहलोत के लिए मुश्किल हो सकता है। इस रास्ते में खुद कांग्रेस नेतृत्व बाधक बन सकती है। दशकों तक गहलोत की छवि ऐसे नेता की रही है, जो गांधी परिवार के बताए रास्ते पर चलता है। गहलोत भी खुद को गांधी परिवार का सबसे बड़ा वफादार मानते रहे हैं। लेकिन, पिछले पांच साल के कार्यकाल ने गहलोत में बड़ा बदलाव ला दिया है। अब वे आक्रामक हो गए हैं। विरोधियों के लिए चुभने वाली भाषा और शब्द इस्तेमाल करते हैं। आखिर में वह अपनी राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार दिखते हैं।

गहलोत का मिशन-156

इस बार के विधानसभा चुनावों के लिए गहलोत ने खुद के लिए एक मिशन तय किया है, जिसका नाम है-Mission-156। इसके तहत वह कांग्रेस के लिए इस बार सबसे ज्यादा सीटे जीतना चाहते हैं। उनकी उम्मीदें समाज के कई वर्गों के लिए शुरू की गई स्कीमों पर कायम हैं। वह इसे 'गुड गवर्नेंस का राजस्थान मॉडल' बताते हैं। उन्होंने चिरंजीवी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम की सौगात लोगों को दी है। महिलाओं को फ्री स्मार्टफोन से लेकर ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से लागू करने का वादा किया है। आबादी के एक बड़े हिस्से के लिए मिनिमम गारंटीज स्कीम ऐसी स्कीमों की बदौलत उन्हें चुनावी नैया पार कर लेने की उम्मीद है।

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