Rajasthan Assembly Elections 2023: राजस्थान में 25 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 41 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संकेत दिया है कि टिकट वितरण को 18 अक्टूबर के आसपास अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक के एक दिन बाद 18 अक्टूबर को पार्टी अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है। राजस्थान चुनावों के लिए कांग्रेस के ब्लूप्रिंट में अचानक से फेरबदल किया गया है। वर्तमान विधायकों को डिफॉल्ट रूप से टिकट मिलने की पारंपरिक प्रथा के बजाय इस बार उनकी रेटिंग के आधार पर उम्मीदवारों की सूची तैयार होने की संभावना है।
दरअसल, कांग्रेस ने हमेशा 'सिटिंग गेटिंग'' का रास्ता अपनाया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा विधायकों को नहीं हटाया जाएगा। इसके अलावा, पहले के चुनावों में टिकट ऐसे लोगों को दिए गए जो एक विशेष खेमे से जुड़े हुए थे। सूत्रों का कहना है कि राज्य में वरिष्ठ नेता अपनी लॉबी के नेताओं को आगे करेंगे, लेकिन इस बार उम्मीदवारों का चयन लोगों की प्रतिक्रिया पर आधारित है।
पार्टी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए रेगिस्तानी राज्य में बड़ी संख्या में अपने मौजूदा विधायकों का टिकट काट सकती है। बता दें कि विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अधिकांश दिग्गजों को दरकिनार करते हुए अपने केंद्रीय नेतृत्व को मैदान में उतारा है।
100 विधायकों के कट सकते हैं टिकट!
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, पार्टी स्पष्ट रूप से अपने उम्मीदवारों की "जीतने की क्षमता" और जमीन पर उनके द्वारा किए गए काम पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सूत्रों ने बताया कि राजस्थान में कांग्रेस के पास 100 से अधिक ऐसे मौजूदा विधायक हैं जिनके खिलाफ नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। सूत्रों ने कहा, "पार्टी राज्य को बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। जिन उम्मीदवारों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है, उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा, चाहे वह गहलोत या पायलट खेमे से हों...।" चयन प्रक्रिया की जानकारी रखने वाले एक पार्टी नेता ने कहा, ''नेतृत्व इस पर पूरी लगन से काम कर रहा है।''
कांग्रेस ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों की पसंद और उनकी रेटिंग पर विभिन्न सर्वेक्षण कराए हैं। पार्टी ने 15 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में सर्वेक्षण के आधार पर ही टिकट का ऐलान किया, जहां कई मौजूदा विधायकों कि टिकट कट गए हैं। छत्तीसगढ़ के लिए जारी 30 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट में कांग्रेस ने अपने आठ विधायकों को टिकट देने से इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके डिप्टी टीएस सिंह देव सहित 22 विधायकों को बरकरार रखा है।
इसी तरह मध्य प्रदेश में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनडी प्रजापति सहित तीन विधायकों के टिकट काट दिए गए हैं। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य में नए चेहरों पर भरोसा किया है। 29 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जो पहली बार चुनाव लड़ेंगे। 36 वे हैं जो 2018 के चुनावों में या 2020 के उप-चुनावों में हार गए थे।
लिस्ट आने के बाद बगावत की आशंका
नई रणनीति के कार्यान्वयन से पार्टी में ताजा अंदरूनी कलह भड़कने का खतरा है, क्योंकि खराब रेटिंग के कारण टिकट हासिल करने में असफल रहे कई नेताओं ने पार्टी छोड़नी शुरू कर दी है। मध्य प्रदेश की खड़गपुर सीट से कांग्रेस प्रवक्ता अजय सिंह यादव, नरयावली सीट से शारदा खटीक और उज्जैन से विवेक यादव की ओर से बगावत की आहट आ गई है।
मध्य प्रदेश में मौजूदा विधायकों के बाहर होने के बाद राजस्थान में भी इसी तरह की बगावत की आशंका है। 13 अक्टूबर को वरिष्ठ कांग्रेस नेता पोन्नाला लक्ष्मैया ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक नए चेहरे की बढ़ती मांग के बीच चार दशकों से अधिक लंबे जुड़ाव के बाद इस्तीफा दे दिया।